खनन घोटाले में दो आईएएस अफसरों से पूछताछ की तैयारी, ईडी पहले ही दर्ज कर चुका है केस
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सहारनपुर में हुए अवैध खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दो आईएएस अफसरों पवन और अजय सिंह से जल्द पूछताछ करेगा। यह दोनों अधिकारी सहारनपुर में बतौर जिलाधिकारी तैनात रह चुके हैं। ईडी इन पर केस भी दर्ज कर चुका है। इस मामले की सीबीआई जांच पहले से ही चल रही है।
ईडी ने सीबीआई की एफआईआर को आधार बनाते हुए इन दोनों अधिकारियों के साथ 11 लोगों को नामजद किया था। निदेशालय इन दोनों आईएएस अधिकारियों से मनी लांड्रिंग के मामले में पूछताछ करेगा। निदेशालय अभी तक चार जिलों में हुए खनन घोटाले के तहत एफआईआर दर्ज कर चुका है।
इनमें अजय सिंह व पवन समेत अब तक कुल आठ आईएएस अधिकारी नामजद किए जा चुके हैं। निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि हमीरपुर में हुए खनन घोटाले में नामजद सभी से पूछताछ की जानी है। लेकिन इन दोनों अफसरों से अलग पूछताछ होगी।
इसके लिए इन्हें जल्द नोटिस भेजकर अलग तारीखों पर बुलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ईडी ने पूर्व में हमीरपुर में हुए खनन घोटाले के मामले में केस दर्ज कर आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला समेत कई अन्य को नामजद किया था।
सीबीआई ने डीएफओ समेत छह लोगों से की पूछताछ
खनन घोटाले की 11 दिन से जांच कर रही सीबीआई के रडार पर अब वन विभाग है। बृहस्पतिवार को कानपुर देहात के डीएफओ समेत वन विभाग के कई अधिकारियों व कर्मियों को सीबीआई ने तलब कर कई घंटों तक पूछताछ की।
इन कर्मियों के बयान भी दर्ज किए गए। वहीं सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के बड़े भाई मौरंग कारोबारी दिनेश मिश्रा को भी दोबारा तलब कर पूछताछ की गई। सीबीआई की जांच के दायरे में कई बड़े अधिकारी हैं।
मुख्यालय स्थित मौदहा बांध निर्माण खंड के निरीक्षण भवन में सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार शाम कानपुर देहात के डीएफओ ललित किशोर गिरि, वन विभाग के एसडीओ संजय शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी अनिल कुमार, स्टेनो जगन्नाथ व कंपाइल बाबू राम सिंह को तलब कर मौरंग खनन के पट्टों की जारी एनओसी और अन्य दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। इन सभी से करीब ढाई घंटे पूछताछ हुई।
मौरंग के पट्टे की आड़ में जंगल में हुअा खनन का खेल
इसके बाद सीबीआई ने सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के भाई दिनेश मिश्रा को दोबारा तलब कर पूछताछ की। याचिकाकर्ता एवं समाजसेवी विजय द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2010 में सरीला क्षेत्र के बेंदा, जिटकरी, घुरौली सहित अन्य मौरंग खनन क्षेत्र में पर्यावरण संबंधी एनओसी वन विभाग ने जारी की थी।
मौरंग खनन के पट्टों की एनओसी जारी करने की संस्तुति और रिपोर्ट के सभी अभिलेखों को खंगालते सीबीआई के हाथ में अवैध खनन के पुख्ता साक्ष्य लग गए हैं। दस एकड़ का मौरंग के पट्टे की आड़ में जंगल में खनन का खेल चलाया गया।
लेकिन वन विभाग ने इस पर कोई विरोध नहीं किया। बृहस्पतिवार को खदान संचालक दुष्यंत सिंह सीबीआई के समक्ष बयान दर्ज कराने आए।