कोरोना को भगाना है तो घर को पेंट कराना है...। जी, हां इस बार पेंट कंपनियां और कारोबारी दोनों का कारोबार इसी भरोसे पर चमक रहा है। कारोबारी तो यहां तक कह रहे हैं कि लॉकडाउन में भी सामाजिक दूरी और मास्क के नियम का पालन करते हुए रंग रौगन उत्पादों की सप्लाई जमकर हुई है। दरअसल, ग्रामीण इलाकों में खाली बैठे लोगों ने अपना वक्त इसी काम में गुजारा। वहीं, अनलॉक होते ही शहरी ग्राहकों ने दुकानों का रुख किया है। सितंबर से अब तक की बात करें तो महज एक महीने के कारोबार ने 70 से 80 फीसदी बाजार कवर कर लिया है। वहीं, जो कमी रह गई है वह माल की सप्लाई में कहीं-कहीं दिक्कत आने के कारण है, ग्राहकों के चलते नहीं। माल उत्पादन मानव संसाधनों की कमी से प्रभावित हो रहा है।
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लखनऊः कोविड में भी चमका रंगों का कारोबार, सहालग तक बल्ले-बल्ले
Wed, 07 Oct 2020 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
रोली खन्ना/अमर उजाला, लखनऊ
रोली खन्ना/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 01:54 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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अभिषेक गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
पीक सीजन में 100 करोड़ का कारोबार
कारोबारी अभिषेक गुप्ता कहते हैं कि राजधानी में ब्रांडेड पेंट की करीब 200-250 दुकानें हैं। जबकि हर बाजार में दो-तीन लोकल उत्पाद अपनी जगह बना ही लेते हैं। इसके अलावा अनब्रांडेड पेंट कारोबार की तो कोई गिनती ही नहीं है। हालांकि ये सभी रजिस्टर्ड होते हैं। व्यस्त सीजन में एक महीने का ब्रांडेड प्रोडक्ट का कारोबार 60 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है और अन ब्रांडेड के मिलाकर करीब 100 करोड़ रुपये महीने का टर्नओवर होता है। अभी सहालग तक भरपूर ग्राहक मिलेंगे। यह कहना गलत नहीं होगा कि कोरोना ने लोगों को साफ-सफाई के लिए और ज्यादा प्रेरित किया है, यही वजह है कि कंपनियों ने भी एंटी कोविड प्रोडक्ट लॉन्च कर दिया है। अभी तो निजी सेक्टर में जहां काम शुरू नहीं हुआ है, वहां जब शुरू होगा तो उससे पहले लोग रंग-रौगन करवाएंगे।
कारोबारी अभिषेक गुप्ता कहते हैं कि राजधानी में ब्रांडेड पेंट की करीब 200-250 दुकानें हैं। जबकि हर बाजार में दो-तीन लोकल उत्पाद अपनी जगह बना ही लेते हैं। इसके अलावा अनब्रांडेड पेंट कारोबार की तो कोई गिनती ही नहीं है। हालांकि ये सभी रजिस्टर्ड होते हैं। व्यस्त सीजन में एक महीने का ब्रांडेड प्रोडक्ट का कारोबार 60 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है और अन ब्रांडेड के मिलाकर करीब 100 करोड़ रुपये महीने का टर्नओवर होता है। अभी सहालग तक भरपूर ग्राहक मिलेंगे। यह कहना गलत नहीं होगा कि कोरोना ने लोगों को साफ-सफाई के लिए और ज्यादा प्रेरित किया है, यही वजह है कि कंपनियों ने भी एंटी कोविड प्रोडक्ट लॉन्च कर दिया है। अभी तो निजी सेक्टर में जहां काम शुरू नहीं हुआ है, वहां जब शुरू होगा तो उससे पहले लोग रंग-रौगन करवाएंगे।
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दामों में 8 फीसदी तक बढ़ोतरी सामान्य
यूं तो शहर में हर जगह पेंट की बड़ी दुकानें मौजूद हैं, लेकिन लाटूश रोड, रकाबगंज, आलमबाग, गोमतीनगर, जानकीपुरम बड़े बाजार हैं। रंग के दामों में डीजल व पेट्रोल की कीमतों के कारण 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों के अनुसार, यह सामान्य है।
यूं तो शहर में हर जगह पेंट की बड़ी दुकानें मौजूद हैं, लेकिन लाटूश रोड, रकाबगंज, आलमबाग, गोमतीनगर, जानकीपुरम बड़े बाजार हैं। रंग के दामों में डीजल व पेट्रोल की कीमतों के कारण 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों के अनुसार, यह सामान्य है।
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मिथिलेश कुमार
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दीपावली बाद आएगी कारोबार में और तेजी
गणेशगंज के कारोबारी मिथिलेस कुमार अग्रवाल का कहना है कि पेंट मार्केट तो वर्तमान में चमक ही रहा है, दीपावली के बाद सहालग वाले घरों, बैंक्वेट हॉल की साफ-सफाई के चलते और आग बढ़ेगा। 60 फीसदी तक वापसी हो गई है, बाकी को लेकर हम लोग बहुत आशान्वित हैं।
गणेशगंज के कारोबारी मिथिलेस कुमार अग्रवाल का कहना है कि पेंट मार्केट तो वर्तमान में चमक ही रहा है, दीपावली के बाद सहालग वाले घरों, बैंक्वेट हॉल की साफ-सफाई के चलते और आग बढ़ेगा। 60 फीसदी तक वापसी हो गई है, बाकी को लेकर हम लोग बहुत आशान्वित हैं।
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विजय लक्ष्मी
- फोटो : अमर उजाला
त्योहारी सीजन में बची कमी भी पूरी होने की उम्मीद
गोमतीनगर के कारोबारी विजय लक्ष्मी राजपूत का कहना है कि महामारी ने डरा दिया था कि कारोबार शून्य से शुरू करना होगा, लेकिन जितनी तेजी से लोगों ने पेंट बाजार को रुख किया है, उसने सारी निराशा दूर कर दी है। आने वाले त्योहारी सीजन में बची कमी भी पूरी होने की उमीद है।
गोमतीनगर के कारोबारी विजय लक्ष्मी राजपूत का कहना है कि महामारी ने डरा दिया था कि कारोबार शून्य से शुरू करना होगा, लेकिन जितनी तेजी से लोगों ने पेंट बाजार को रुख किया है, उसने सारी निराशा दूर कर दी है। आने वाले त्योहारी सीजन में बची कमी भी पूरी होने की उमीद है।