UP : बिजली कनेक्शन देने में देरी पर फतेहपुर के एक्सईएन निलंबित, 2,80,371 कनेक्शन के हिसाब पर उठ रहे सवाल
बिजली कनेक्शन देने में देरी करने पर एक्सईएन को निलंबित करने के साथ ही बरेली को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। वहीं, 3.73 लाख कनेक्शन में नियामक आयोग को सिर्फ 93,138 का ही हिसाब दिया गया है।
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बिजली कनेक्शन देने में देरी करने, अनावश्यक आपत्ति लगाकर मामले को लटकाने के मामले में बरेली के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई, जबकि फतेहपुर के अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। अन्य कई को चेतावनी दी गई है। यह कार्रवाई ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने निर्देश पर की गई है।
शक्ति भवन में मंगलवार को कनेक्शन देने के मामले की समीक्षा करते हुए डा. गोयल ने आधा दर्जन से ज्यादा अभियंताओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नए कनेक्शन से जुड़े मामले किसी भी कीमत पर लंबित न रखे जाएं। निवेश मित्र और झटपट पोर्टल के जरिए आने वाले आवेदन लंबित हुए तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योगों एवं व्यापारिक गतिविधि को बढ़ावा दिया जाए। उद्योग से जुड़े कनेक्शन के आवेदनों का अतिशीघ्र निस्तारण हो। यदि कहीं अनावश्यक विलम्ब की शिकायत आयेगी तो सख्त कार्यवाई होगी।
विद्युत निगमों के कार्यों की समीक्षा करते हुये अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत कनेक्शन देने में आनाकानी या विलम्ब की शिकायत आने पर कार्यवाई के साथ जिम्मेदार अधिकारी की विजिलेंस जांच भी कराई जाएगी। यदि कहीं दुर्घटना होगी और अधिकारी की लापरवाही मिलेगी तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि, लाइन हानियों में कमी, बेहतर बिलिंग, स्मार्ट मीटर की प्रभावी मॉनिटरिंग और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लक्ष्य तभी पूरे होंगे जब प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
3.73 लाख कनेक्शन में नियामक आयोग को दिया सिर्फ 93,138 का हिसाब
प्रदेश में लगे 3.73 लाख नए कनेक्शनों में अभी तक नियामक आयोग के सामने 93138 कनेक्श का ही हिसाब आया है। 20 अगस्त को सभी निगमों के प्रबंध निदेशकों को शपथ पत्र के साथ 280371 कनेक्शन का हिसाब देना है। ऐसे में निगमों में हलचल मची हुई है।
प्रदेश में 10 सितंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच 3,73,509 नए बिजली कनेक्शन जारी हुए हैं। इन सभी कनेक्शन में स्मार्ट मीटर लगाने का दावा किया गया है। ऐसे में राज्य विद्युत नियामक आयोग ने स्मार्ट मीटरों की दर तय कर दी। आदेश दिया कि निर्धारित दर से अधिक हुई वसूली उपभोक्ताओं को लौटाई जाए। रकम लौटाने के आदेश के बाद अब तक बिजली कंपनियां आयोग को सिर्फ 93,138 कनेक्शनों का आंकड़ा ही दे पाई हैं। ऐसे में आयोग ने निर्देश दिया है कि 20 अगस्त को सभी निगमों के प्रबंध निदेशक को तलब किया है। इन्हें पूरे मामले में हलफनामा भी देना है। ऐसे में सभी निगमों में नए कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसे लेकर हलचल मची हुई है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि हर कनेक्शन पर लगे स्मार्ट मीटर का हिसाब लिया जाएगा। इसके लिए लड़ाई लड़ने की पुख्ता तैयारी की गई है। परिषद की आपत्ति के बाद ही आयोग में सुनवाई हुई। अब 2,80,371 कनेक्शनों का अलग हिसाब क्यों? यही वह सवाल है जिसका जवाब सामने आते ही पूरे खेल की असली तस्वीर साफ हो सकती है।