पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हादसा: ड्राइवर ने शराब पी, फिर चलती गाड़ी मालिक से करता रहा बहस; चश्मदीदों ने राज खोले
Purvanchal Expressway accident: सोमवार की शाम पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। अब इस हादसे की वजहें सामने आई हैं।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार शाम स्लीपर बस पलटने से पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 66 यात्री घायल हो गए। मरने वालों में तीन बच्चे, दो पुरुष शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा गोसाईंगंज के जौखंडी गांव के पास हुआ।
बस में बैठी सवारियों के अनुसार डबल डेकर बस का चालक फोन पर लगातार बात कर रहा था। बस में सवार मानिकपुर निवासी बृजेश का आरोप है कि बस चालक नशे में होने के कारण वाहन के मालिक से फोन पर किसी बात पर बहस कर रहा था। टोल पार करने के बाद बहस तेज हो गई। इसके बाद आरोपी ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई और बस लहराने लगा। घबराकर सवारियां चीखने-चिल्लाने लगीं। लोगों ने चालक से बस रोकने के लिए कई मिन्नतें की। मगर वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुआ, बल्कि बस की गति और तेज कर दी। करीब एक किलोमीटर तक लहराने के बाद बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस बीच सड़क पर चल रहे अन्य वाहन सवार भी बस की चपेट में आते-आते बचे।
चालक की सीट के बाहर मिलीं शराब की बोतलें
बृजेश ने बताया कि हादसे के कारण सभी बस में फंस गए। डर के कारण कुछ यात्रियों ने एक दूसरे के ऊपर से चढ़कर बस से निकलने की कोशिश की। ऐसे में लोगों को काफी चोटें आईं। किसी का सिर फट गया तो किसी के हाथ-पैर टूट गए। पुलिस के पहुंचने पर बस सीधी हो सकी। बृजेश का कहना है कि जब वह बस से निकले तो उन्हें चालक की सीट के बाहर शराब की बोतलें भी पड़ी मिलीं।
लगा नहीं बचेगी जान
लुधियाना से आ रहीं नेपाल निवासी राधा देवी ने बताया कि बस लहराते हुए जब पलटी तो वह बुरी तरह से घबरा गईं। एक पल के लिए लगा कि आज नहीं बचूंगी। हादसा तब और भयानक लगने लगा जब लोग बाहर निकलने के लिए किसी तरह से अपने जूतों से खिड़कियों के शीशे तोड़ने लगे। इस दौरान अन्य यात्री भी चोटिल हो गए। हादसे में जिस महिला की मौत हुई है वह गर्भवती थी।
क्षत-विक्षत शव देख हो गई उल्टी
बृजेश के साथी डबलू ने बताया कि वह बस से बाहर निकले तो पास पड़े क्षत-विक्षत शव देखकर उनकी हालत बिगड़ गई। हर ओर खून ही खून देख उल्टियां होने लगीं। कुछ लोग तो बेहोश हो गए। पुलिस ने किसी तरह उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया। कुछ की हालत पानी पीने पर सामान्य हो गई थी।
लखनऊ में पलटी स्लीपर बस, पांच की मौत
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार शाम स्लीपर बस पलटने से पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 66 यात्री घायल हो गए। मरने वालों में तीन बच्चे, दो पुरुष शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा गोसाईंगंज के जौखंडी गांव के पास हुआ। चालक के नशे की हालत में बस दौड़ाने से हादसा हुआ। पुलिस ने आरोपी बस चालक हरियाणा निवासी सोमपाल को गिरफ्तार कर लिया है। बस में करीब 90 यात्री सवार थे।
बस रविवार शाम 4 बजे पंजाब के लुधियाना से यात्रियों को लेकर बिहार के दरभंगा के लिए रवाना हुई थी। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार शाम साढ़े चार बजे जौखंडी गांव के पास पहुंची तो अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। घटना के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। हादसे से बाद चीख पुकार मच गई।
वहां से गुजर रहे राहगीरों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने 71 घायलों को सीएचसी गोसाईंगंज, एपेक्स ट्रॉमा 2 व केजीएमयू भिजवाया। सीएचसी में सीतामढ़ी निवासी बीरेंद्र (30), अंजलि (8), प्रियांशु (15) और दो अन्य पुरुषों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अंजलि और प्रियांश सगे भाई-बहन थे। पुलिस दो अन्य पुरुषों की शिनाख्त में जुटी है। 66 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें 35 को प्राथमिक उपचार के बाद दूसरी बस से बिहार भेज दिया गया। 9 को केजीएमयू में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद पुलिस आयुक्त, डीएम और यूपीडा के अफसरों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल लिया।
चालक के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक बस में सवार बिहार निवासी महेश की पत्नी सुलेखा की तहरीर पर आरोपी चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। हादसे में सुलेखा के दो बच्चों की जान चली गई। सुलेखा अंबाला से बिहार जा रही थीं। आरोप है कि चालक शराब पीकर बस चला रहा था। लोगों ने उससे कई बार बस रोकने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना।
कागजों में फिट, जांच में अनफिट मिली बस
बस कागजों में पूरी तरह फिट थी। फिटनेस से लेकर प्रदूषण तक सारे कागज मुकम्मल थे। लेकिन मौके पर बस की जांच में पता चला कि 16 स्लीपर सीटों की क्षमता थी, लेकिन सीटों में छेड़छाड़ कर 43 बना दी गई थीं। इमरजेंसी गेट के सामने भी सीट लगा दी गई थी, जिससे गेट बंद हो गया था। इतना ही नहीं बस पर 67 चालान भी हुए हैं।
डबलडेकर बस में 16 स्लीपर सीटों की थी अनुमति, छेड़छाड़ कर बना दीं 43 सीटें
67 चालान के साथ दौड़ रही थी
डबलडेकर बस पर कुल 67 चालान हुए हैं। जिन्हें जमा नहीं किया गया। इतने चालान होने के बावजूद बस सड़क पर दौड़ रही थी। इस बीच 50 से अधिक आरटीओ, एआरटीओ के क्षेत्रों से बस गुजरी थी। न पुलिस, न ट्रैफिक और न ही परिवहन विभाग की ओर से बस के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
आज होगी तकनीकी जांच
डबलडेकर बस की तकनीकी जांच मंगलवार को की जाएगी। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि बस के ब्रेक, पहियों, टायर, वायरिंग सहित अन्य तकनीकी जांच आरआई टेक्निकल की ओर से की जाएगी। उनकी रिपोर्ट आने पर ही बस की तकनीकी स्थिति सामने आ सकेगी।
बस में होने चाहिए थे दो ड्राइवर
लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवरों के होने का नियम है, लेकिन इसमें सिर्फ एक ही ड्राइवर था। जिसे पंजाब से बिहार तक पूरी 1360 किमी की दूरी तय करनी थी। मानकों के अनुसार 4.5 घंटे ड्राइविंग के बाद कम से कम पौन घंटे का ब्रेक लेना चाहिए। 14 घंटे की ड्यूटी के दौरान तीन घंटे आराम जरूरी है। इसका पालन नहीं हो रहा था।
कागजों में पूरी तरह फिट थी डबलडेकर बस
डबलडेकर बस गुरुग्राम हरियाणा में प्रदीप कुमार के नाम पंजीकृत थी। बस संख्या एचएआर 55 एएफ 1323 की उम्र अभी महज छह साल व आठ महीने ही थी। भारत स्टेज चार श्रेणी की बस का पंजीकरण 3 जून, 2019 को हुआ था। डबलडेकर बस की फिटनेस 27 अगस्त 2027 को पूरी हो रही है। बस का टैक्स इस वर्ष 28 फरवरी और इंश्योरेंस 27 अगस्त तक मान्य है। परमिट 3 जून, 2029 तक और पॉल्यूशन पीयूसीसी 11 फरवरी 2027 तक का है। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि कागजातों के लिहाज से बस फिट थी। परमिट, इंश्योरेंस, टैक्स, पॉल्यूशन आदि पूरे थे।
