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Lucknow: लविवि में जर्जर बारादरी मामले में एक बार फिर माहौल गरमाया, नमाज के जवाब में पढ़ी गई हनुमान चालीसा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 24 Feb 2026 12:42 PM IST
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सार
राजधानी स्थित लविवि में जर्जर बारादरी मामले में एक बार फिर माहौल गरमा गया। पुलिस और लविवि की टीम एबीवीपी छात्रों को समझाने में जुटी रही। आगे पढ़ें पूरा अपडेट...
हनुमान चालीसा पढ़ते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर स्थित जर्जर लाल बारादरी को बंद किए जाने के विरोध में एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और आइसा समेत संयुक्त छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर नमाज अदा कर इफ्तार किया। इस कदम का एबीवीपी ने कड़ा विरोध किया, जिससे परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मंगलवार को एबीवीपी और राष्ट्रीय शिक्षार्थी दल से जुड़े छात्रों ने लाल बारादरी के सामने हनुमान चालीसा पाठ और गंगाजल से शुद्धिकरण का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।
बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी परिसर में प्रवेश की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। फिलहाल विश्वविद्यालय में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल संवेदनशील बना हुआ है।
इससे पहले सोमवार देर रात पुलिस ने सड़क पर नमाज पढ़ने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में 13 छात्रों के खिलाफ चालान किया। सभी को 24 फरवरी को पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के समक्ष उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों ने लाल बारादरी में कथित तोड़फोड़ तथा विश्वविद्यालय परिसर में सड़क पर नमाज और इफ्तारी किए जाने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परिसर में मौजूद अवैध मजारों की जांच कर उन्हें ध्वस्त करने की मांग भी उठाई।
दूसरी ओर एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और आईसा से जुड़े छात्र जर्जर घोषित लाल बारादरी का ताला खुलवाने की मांग पर अड़े रहे। संयुक्त छात्र संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता सुबह से ही लाल बारादरी के आसपास जुटे और नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन तक मार्च निकाला। दोपहर बाद छात्रों ने मुख्य द्वार के सामने धरना दिया, जिससे परिसर में तनाव बना रहा।
स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक भवन से लाल बारादरी तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने छात्रों से वार्ता कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर कायम रहे।
एबीवीपी छात्र नेता जतिन शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्र नेताओं आलोक मिश्रा, विवेक मिश्र और अनुराग सिंह तोमर ने विश्वविद्यालय परिसर को शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
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मंगलवार को एबीवीपी और राष्ट्रीय शिक्षार्थी दल से जुड़े छात्रों ने लाल बारादरी के सामने हनुमान चालीसा पाठ और गंगाजल से शुद्धिकरण का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।
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बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी परिसर में प्रवेश की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। फिलहाल विश्वविद्यालय में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल संवेदनशील बना हुआ है।
इससे पहले सोमवार देर रात पुलिस ने सड़क पर नमाज पढ़ने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में 13 छात्रों के खिलाफ चालान किया। सभी को 24 फरवरी को पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के समक्ष उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है।
बारादरी के पास एकत्र छात्र
- फोटो : अमर उजाला
यह है पूरा मामला
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऐतिहासिक लाल बारादरी के लिए सोमवार को दिनभर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। अलग-अलग छात्र संगठनों के विरोध-प्रदर्शनों के कारण परिसर में हंगामे की स्थिति रही और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों ने लाल बारादरी में कथित तोड़फोड़ तथा विश्वविद्यालय परिसर में सड़क पर नमाज और इफ्तारी किए जाने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परिसर में मौजूद अवैध मजारों की जांच कर उन्हें ध्वस्त करने की मांग भी उठाई।
दूसरी ओर एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और आईसा से जुड़े छात्र जर्जर घोषित लाल बारादरी का ताला खुलवाने की मांग पर अड़े रहे। संयुक्त छात्र संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता सुबह से ही लाल बारादरी के आसपास जुटे और नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन तक मार्च निकाला। दोपहर बाद छात्रों ने मुख्य द्वार के सामने धरना दिया, जिससे परिसर में तनाव बना रहा।
स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक भवन से लाल बारादरी तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने छात्रों से वार्ता कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर कायम रहे।
एबीवीपी छात्र नेता जतिन शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्र नेताओं आलोक मिश्रा, विवेक मिश्र और अनुराग सिंह तोमर ने विश्वविद्यालय परिसर को शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
सुरक्षा कारणों से प्रवेश किया गया है प्रतिबंधित
विश्वविद्यालय प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि लाल बारादरी अत्यंत जर्जर अवस्था में है और सुरक्षा कारणों से प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। भवन के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से जीर्णोद्धार को लेकर पत्राचार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्णय का किसी समुदाय से संबंध नहीं है।
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