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Ram Mandir: आरोपी टिन्नू ने कहा- चढ़ावा चोरी के लिए अनिल मिश्रा जिम्मेदार, जब हम जेल में तो वो क्यों है बाहर
Sun, 19 Jul 2026 03:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 19 Jul 2026 03:22 AM IST
सार
उसने कहा, बैंक के साथ मिलकर गणना की प्रक्रिया को सही तरह से पूरा करवाना अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी थी। कहा, अगर हम लोग जेल गए हैं तो वह कैसे बच गए?
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राम मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव ने पुलिस की पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा, बैंक के साथ मिलकर गणना की प्रक्रिया को सही तरह से पूरा करवाना अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी थी। कहा, अगर हम लोग जेल गए हैं तो वह कैसे बच गए?
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आरोपी टिन्नू यादव ने पुलिस की पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की चोरी में भूमिका से इन्कार किया। लेकिन अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि बैंक के साथ मिलकर गणना की प्रक्रिया को सही तरह से पूरा करवाना अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी थी। कहा, अगर हम लोग जेल गए हैं तो वह कैसे बच गए? हालांकि, टिन्नू ने स्वीकार किया कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े हर कार्य में वह शामिल था।
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मंदिर के संवेदनशील स्थानों पर उसकी बिना रोक-टोक आवाजाही थी। ये अधिकार उसे चंपत राय की वजह से मिले थे। उनके ही निर्देश पर वह दान पात्रों की चाबियां रखता था लेकिन चंपत राय को लेकर कहा कि चोरी की जानकारी उन्हें नहीं थी और न ही वह गणना की देखरेख करते थे। राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू चंपत राय का ड्राइवर था। इसके बावजूद मंदिर प्रबंधन के हर काम में उसका हस्तक्षेप था। वह बिना किसी चेकिंग के मंदिर परिसर में आता-जाता था।
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पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू ने बताया है कि गणना प्रक्रिया में उसकी भूमिका रहती थी। उसकी मौजूदगी की वजह से सुरक्षाकर्मी या ट्रस्ट से जुड़ा पदाधिकारी गणनाकर्मियों से सवाल-जवाब नहीं करता था। पूछताछ में टिन्नू तमाम सवालों के जवाब नहीं दे सका। इधर-उधर की बातें करता रहा। उसने कई बार खुद को निर्दोष भी बताया। हालांकि, साक्ष्य सामने रखे जाने पर खामोश हो गया।
पूछताछ में कई नए नाम बताए, पास बनाने की बात भी कबूली
टिन्नू यादव और मनीष ने दो-तीन अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। पुलिस अब उनकी भूमिका की जांच करेगी। वहीं, टिन्नू ने पास के खेल की बात भी कबूली है। उसने बताया कि उसके पास चंपत राय की आईडी का एक्सेस रहता था, जिससे वह वीआईपी पास बनाकर लोगों को दर्शन करवाता था।
जमीन और फर्म के मिले सुराग
पूछताछ में पुलिस को टिन्नू और मनीष की जमीनों और ठेकेदारी की फर्म से संबंधित सुराग मिले हैं, जिनका सत्यापन शुरू किया गया है। टिन्नू ने सहादतगंज में अपने बेटे रवि यादव के नाम से खरीदी गई जमीन के बारे में जानकारी दी। साथ ही पत्नी के नाम से चल रही सौंदर्य कंस्ट्रक्शन कंपनी नामक फर्म के बारे में कई सुराग दिए। फर्म में जीएसटी जमा करने को लेकर भी उसने कई राज खोले हैं।
मनीष यादव ने स्वीकारी चढ़ावा चोरी
आरोपी मनीष यादव ने पूछताछ में स्वयं के चढ़ावा चोरी करने की बात स्वीकारी है। इसमें टिन्नू की भूमिका भी उसने स्पष्ट की है। ड्यूटी पर लगने के कुछ ही समय में उसने चोरी करने का दावा किया है। इन रुपयों से भंडारा करने, महंगे उपहार लेने व कुछ निवेश करने की भी जानकारी दी है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कुछ करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ की है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा निर्मोही अखाड़ा
चढ़ावा चोरी मामले में निर्मोही अखाड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। निर्मोही अखाड़े की ओर से याचिका दायर कर राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की गई है। याचिका में 1950 और 1982 से स्थापित मूल विग्रहों को दोबारा स्थापित करने की मांग भी की गई है। चढ़ावा चोरी के मामले में ही एसआईटी से जांच की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। अपनी याचिका में अखाड़े ने ट्रस्ट को सार्वजनिक (पब्लिक) ट्रस्ट के रूप में पुनर्गठित करने, उसके सभी वित्तीय और संपत्ति संबंधी लेनदेन की फोरेंसिक ऑडिट कराने तथा गर्भगृह में नव-प्रतिष्ठित मूर्ति के स्थान पर मूल विग्रहों को पुनः स्थापित करने की मांग की है।