राम मंदिर चढ़ावा चोरी: नई एसआईटी निकाल सकती है कुछ नए साक्ष्य, आज से बदल जाएगी मंदिर में दर्शन व्यवस्था
Ram Temple offering theft:राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बनी नई एसआईटी कुछ नए साक्ष्य निकाल सकती है। इसके अलावा अब मंदिर में दर्शन व्यवस्था भी बदल जाएगी।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गठित नई एसआईटी जांच की परत-दर-परत समीक्षा करेगी। डीआईजी और एसएसपी के जुड़ने से सुपरविज मजबूत होगा। माना जा रहा है कि जल्द ही नई एसआईटी के अध्यक्ष की मौजूदगी में बैठक करके आगे की रणनीति तय की जाएगी।
दान पेटिकाओं से चोरी के मामले में रामजन्मभूमि थाने में रिपोर्ट दर्ज है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी इस मामले की विवेचना कर रहे हैं। 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले सुनवाई हुई थी, जिसमें न्यायाधीश ने आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में मामले की जांच के लिए नई कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था। नई एसआईटी के इंतजार में मामले की पुलिस जांच धीमी पड़ गई थी। शनिवार को ही सरकार ने नई एसआईटी गठित की है। इसमें लखनऊ के आईजी किरण एस के साथ ही अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को भी शामिल किया गया है। अब टीम के गठन के बाद लंबित बिंदुओं पर तेजी से कार्रवाई होने की संभावना है।
आरोपी और गवाहाें से फिर हो सकती है पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी सबसे पहले अब तक की केस डायरी, धारा 161 बीएनएसएस के तहत दर्ज बयान, पुलिस रिमांड के दौरान प्राप्त तथ्यों, जब्ती मेमो, बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, सीडीआर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान करेगी। यदि किसी कड़ी में कमी या विरोधाभास मिलता है तो संबंधित गवाहों और आरोपियों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। वहीं, डीआईजी के जुड़ने से विवेचना की सुपरविजन नोट के माध्यम से समय-समय पर समीक्षा होगी। जबकि एसएसपी के होने से सर्विलांस, साइबर सेल, तकनीकी प्रकोष्ठ और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय रहेगा। इससे तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परस्पर मिलान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
जांच व्यापक होने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी यह भी देखेगी कि अब तक जुटाए गए साक्ष्य न्यायालय में अभियोजन की कसौटी पर कितने मजबूत हैं। यदि किसी बिंदु पर साक्ष्य की शृंखला कमजोर पाई जाती है तो उसे मजबूत करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज, डिजिटल डेटा या विशेषज्ञों की राय भी ली जा सकती है। वहीं, डीआईजी सोमेन बर्मा ने बताया कि अभी उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है।
राम दरबार में दर्शनार्थियों के लिए पांच कतारों की व्यवस्था लागू
श्रीराम मंदिर में रामलला के दर्शन की तरह अब राम दरबार में भी श्रद्धालुओं के लिए नई दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था पहले से अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाई गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सहज और सुरक्षित दर्शन कराना है। ऐसे में श्रद्धालु अब पांच कतार में लगकर राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे।
व्यवस्था सुदृढ़ करते हुए राम दरबार में रेलिंग लगाई गई है। श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग दीर्घाएं निर्धारित की गई हैं। अब तक श्रद्धालु बिना किसी रेलिंग के सीधे राम दरबार के निकट दर्शन करते थे। भीड़ बढ़ने पर आने-जाने का मार्ग एक होने से अव्यवस्था होती थी। नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी। इससे भीड़ प्रबंधन में भी काफी सहूलियत मिलेगी। विशेष अवसरों और त्योहारों पर अनावश्यक भीड़ का सामना कम करना पड़ेगा।
बीते सात जून को राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद मंदिर की दर्शन व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। राम दरबार में यह बदलाव इसी कड़ी का हिस्सा है। मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में सुधार कर रहा है। इसका लक्ष्य सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन का लाभ देना है।