राम मंदिर चढ़ावा चोरी: टिन्नू ने 24 लाख देकर बेटे के नाम खरीदी जमीन, जब्ती की थी तैयारी; यहां भेजे नौ लाख
Ram Temple offering theft: चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद टिन्नू यादव समेत सभी आरोपियों की संपत्तियां खंगाली जा रही हैं। जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं।
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चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद टिन्नू यादव समेत सभी आरोपियों की संपत्तियां खंगाली जा रही हैं। कस्टडी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ और तहसील से मिले दस्तावेज के आधार पर एक टिन्नू के बेटे रवि यादव के नाम खरीदी गई एक जमीन का खुलासा हुआ है। यह जमीन करीब सालभर पहले सहादतगंज क्षेत्र में खरीदी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज और भुगतान के तरीके की गहन जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कुल भुगतान का बड़ा हिस्सा नकद दिया गया था।
भाजपा नेता के एक करीबी से खरीदी थी जमीन
सूत्रों के अनुसार, रवि यादव के नाम खरीदी गई यह जमीन भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के बेहद करीबी व पारिवारिक सदस्य से खरीदी गई थी। बीते दिनों टिन्नू की कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस ने जमीन बेचने वालों से भी पूछताछ की है। जमीन की लोकेशन के आधार पर इस जमीन की मौजूदा कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, कागजों में इसके करीब 35 लाख रुपये में खरीदने की जानकारी मिली है।
रिश्तेदारों की हालिया संपत्तियों की भी खंगाल रही पुलिस
सूत्रों के अनुसार, पुलिस हाल के वर्षों में टिन्नू के रिश्तेदारों के नाम खरीदी गई संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है। हालांकि अब तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि उन संपत्तियों में टिन्नू का निवेश था। जांच टीम को आशंका है कि यदि निवेश किया गया होगा तो वह भी मुख्य रूप से नकद के जरिये हुआ होगा। इसी वजह से संपत्तियों की खरीद, भुगतान के तरीके और धन के स्रोत की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
भुगतान व्यवस्था और मजबूत करने पर मंथन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्त समिति की बैठक में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रस्ट के किसी भी कर्मचारी, इंजीनियर अथवा संविदाकर्मी के वेतन और भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा सभी भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर किए जाएं।
शनिवार की शाम हुई बैठक में वित्त समिति के सदस्य एवं राम मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर जगदीश तथा ट्रस्ट के चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय समेत बैठक के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में तय किया गया कि बैंक के साथ हुए एमओयू की सभी शर्तों की समीक्षा कर उन्हें और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में वित्तीय अनियमितता या प्रक्रिया संबंधी किसी भी प्रकार की चूक की संभावना समाप्त हो सके। वित्त समिति की सिफारिशों के आधार पर जल्द ही नई कार्यप्रणाली को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में तकनीकी सुधारों पर विशेष फोकस रहा। तय हुआ कि प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल ऑडिट ट्रेल सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे बाद में उसकी जांच और सत्यापन आसानी से हो सके। दान की प्राप्ति, जमा और भुगतान की प्रक्रिया की नियमित आंतरिक समीक्षा की जाएगी।
बैंक के साथ समन्वय बढ़ाकर अलर्ट एवं सत्यापन प्रणाली को और मजबूत करने पर भी विचार किया गया। बैठक में इस बात पर भी मंथन हुआ कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए वित्तीय प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए दान प्रबंधन से जुड़े सभी प्रोटोकॉल की समीक्षा कर आवश्यक सुधार लागू करने पर सहमति बनी।