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Lucknow News: रोडवेज की पांच लग्जरी बसों के एसी फेल, यात्री पसीने से तरबतर
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-एमडी से यात्रियों ने की शिकायत
-मरम्मत व रखरखाव के अभाव में एसी बसों की हालत खराब
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। रोडवेज की लग्जरी बसों से सफर करने वाले मुसाफिरों का हाल-बेहाल है। बीच रास्ते एसी फेल हो रहे हैं, जिससे यात्री पसीने से तरबतर हो रहे हैं। उन्हें दरवाजे खोलकर यात्रा करनी पड़ रही है। यात्रियों ने एसी कूलिंग फेल होने की शिकायतें एमडी कार्यालय से की है।
मामला रोडवेज की अवध डिपो का है। यहां 87 लग्जरी वातानुकूलित बसें हैं। इन बसों की मरम्मत की जिम्मेदारी निजी एजेंसी के पास है। मरम्मत व रखरखाव के अभाव में बसें बीच रास्ते ब्रेकडाउन हो रही हैं। बसों के खराब होने, एसी कूलिंग ठप होने व ओवरहीटिंग से यात्रियों की परेशानियां बढ़ रही हैं। सोमवार को अवध डिपो से रवाना हुईं लग्जरी बसों में छह बसें बीच रास्ते खड़ी करनी पड़ी। पांच बसों में एसी कूलिंग फेल हो गई। इसमें लखनऊ से अलीगढ़ जाने वाली यूपी 78 एफएन 7524, बढ़नी जाने वाली यूपी 33 एटी 5753, यूपी 33 एटी 5861, यूपी 33 एटी 5875, लखनऊ से वाराणसी जा रही यूपी 14 एफटी 3802 के एसी खराब हो गए।
भट्टी बन गईं एसी बसें, खोलने पड़े दरवाजे
यात्री अखिलेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ से वाराणसी जाते समय एसी कूलिंग फेल होने से पूरी बस भट्टी की तरह तपने लगी। पसीने से बदन तरबतर हो गया। इतना ही नहीं मुख्य दरवाजे को खोलकर यात्रा करनी पड़ी। कई यात्रियों को घुटन हुई, जिससे उनकी परेशानियां और भी बढ़ गईं।
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ओवरहीट होते ही थम गए पहिए
वहीं लखनऊ से वाराणसी जाने वाली यूपी 78 एफएन 7516 मुसाफिरखाने के पास ओवरहीट हो गई, जिससे बस रुक गई और यात्रियों को नीचे उतरना पड़ा। ड्राइवर व कंडक्टर ने बस के इंजन को खोलकर ठीक किया, जिसके बाद बस रवाना हो सकी।
डिपो से नहीं निकल पाती हैं आधी बसें
अवध डिपो में बसों की मरम्मत व रखरखाव का काम निजी एजेंसी के पास है। कुल 87 लग्जरी बसें हैं। इसमें औसतन 35 बसें रोजाना डिपो में ही खड़ी रहती हैं। मरम्मत के अभाव में उन्हें सड़कों पर नहीं उतारा जा पा रहा है, जबकि जो सड़क पर उतरती हैं, उसमें आठ से दस बसें ब्रेकडाउन की शिकार हो जाती हैं।
आधिकारिक वर्जन
बीच रास्ते लग्जरी बसों के एसी फेल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। यात्रियों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
-अमरनाथ सहाय, प्रवक्ता, रोडवेज
-मरम्मत व रखरखाव के अभाव में एसी बसों की हालत खराब
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। रोडवेज की लग्जरी बसों से सफर करने वाले मुसाफिरों का हाल-बेहाल है। बीच रास्ते एसी फेल हो रहे हैं, जिससे यात्री पसीने से तरबतर हो रहे हैं। उन्हें दरवाजे खोलकर यात्रा करनी पड़ रही है। यात्रियों ने एसी कूलिंग फेल होने की शिकायतें एमडी कार्यालय से की है।
मामला रोडवेज की अवध डिपो का है। यहां 87 लग्जरी वातानुकूलित बसें हैं। इन बसों की मरम्मत की जिम्मेदारी निजी एजेंसी के पास है। मरम्मत व रखरखाव के अभाव में बसें बीच रास्ते ब्रेकडाउन हो रही हैं। बसों के खराब होने, एसी कूलिंग ठप होने व ओवरहीटिंग से यात्रियों की परेशानियां बढ़ रही हैं। सोमवार को अवध डिपो से रवाना हुईं लग्जरी बसों में छह बसें बीच रास्ते खड़ी करनी पड़ी। पांच बसों में एसी कूलिंग फेल हो गई। इसमें लखनऊ से अलीगढ़ जाने वाली यूपी 78 एफएन 7524, बढ़नी जाने वाली यूपी 33 एटी 5753, यूपी 33 एटी 5861, यूपी 33 एटी 5875, लखनऊ से वाराणसी जा रही यूपी 14 एफटी 3802 के एसी खराब हो गए।
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भट्टी बन गईं एसी बसें, खोलने पड़े दरवाजे
यात्री अखिलेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ से वाराणसी जाते समय एसी कूलिंग फेल होने से पूरी बस भट्टी की तरह तपने लगी। पसीने से बदन तरबतर हो गया। इतना ही नहीं मुख्य दरवाजे को खोलकर यात्रा करनी पड़ी। कई यात्रियों को घुटन हुई, जिससे उनकी परेशानियां और भी बढ़ गईं।
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वहीं लखनऊ से वाराणसी जाने वाली यूपी 78 एफएन 7516 मुसाफिरखाने के पास ओवरहीट हो गई, जिससे बस रुक गई और यात्रियों को नीचे उतरना पड़ा। ड्राइवर व कंडक्टर ने बस के इंजन को खोलकर ठीक किया, जिसके बाद बस रवाना हो सकी।
डिपो से नहीं निकल पाती हैं आधी बसें
अवध डिपो में बसों की मरम्मत व रखरखाव का काम निजी एजेंसी के पास है। कुल 87 लग्जरी बसें हैं। इसमें औसतन 35 बसें रोजाना डिपो में ही खड़ी रहती हैं। मरम्मत के अभाव में उन्हें सड़कों पर नहीं उतारा जा पा रहा है, जबकि जो सड़क पर उतरती हैं, उसमें आठ से दस बसें ब्रेकडाउन की शिकार हो जाती हैं।
आधिकारिक वर्जन
बीच रास्ते लग्जरी बसों के एसी फेल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। यात्रियों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
-अमरनाथ सहाय, प्रवक्ता, रोडवेज

अवध डिपो