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Lucknow News: सिविल अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को झटका
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लखनऊ। सिविल अस्पताल में शुरू होने वाली सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू होने से पहले ही अटक गई हैं। अस्पताल में जुलाई से न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी की विशेषज्ञ ओपीडी शुरू होनी थी। इसके लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टरों का सहयोग लिया जाना था। वहीं, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान से भी सप्ताह में एक दिन कैंसर ओपीडी संचालित करने की योजना थी। आरोप है कि दोनों संस्थानों के डॉक्टर सिविल अस्पताल आकर सेवाएं देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी इलाज के लिए फिर बड़े अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ सकती है। अस्पताल प्रशासन का कहना है पूरे मामले से शासन को अवगत कराया गया है।
करीब 400 बेड वाले सिविल अस्पताल में रोजाना तीन से चार हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। फिलहाल यहां नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी की सुपर स्पेशियलिटी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन बीमारियों से संबंधित गंभीर मरीजों को केजीएमयू, पीजीआई या लोहिया संस्थान रेफर किया जाता है। नई व्यवस्था शुरू होने पर राजधानी के साथ आसपास के जिलों के मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद थी।
15 जुलाई से शुरू होनी थी ओपीडी
अस्पताल निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के मुताबिक, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर लोहिया संस्थान प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया था। सहमति मिलने के बाद 15 जुलाई से सप्ताह में एक-एक दिन कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी की ओपीडी शुरू करने की तैयारी थी। विशेषज्ञ मरीजों को परामर्श देने के साथ जरूरी जांच भी कराते। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर लोहिया संस्थान रेफर किया जाना था।
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कैंसर संस्थान से भी नहीं मिला सहयोग
चकगंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान से भी सप्ताह में एक दिन कैंसर ओपीडी चलाने के लिए डॉक्टर उपलब्ध कराने की बात हुई थी। संस्थान के निदेशक ने सहमति दी थी, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण विशेषज्ञों ने सिविल अस्पताल आकर सेवा देने में असमर्थता जताई। इससे कैंसर ओपीडी भी शुरू नहीं हो सकी।
वर्जन:::
सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू कराने के लिए दोनों संस्थानों से दोबारा वार्ता चल रही है। पूरे मामले से शासन के आला अधिकारियों को अवगत कराया गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद यूनिट शुरू कराने की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. जीपी गुप्ता, निदेशक, सिविल अस्पताल
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करीब 400 बेड वाले सिविल अस्पताल में रोजाना तीन से चार हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। फिलहाल यहां नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी की सुपर स्पेशियलिटी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन बीमारियों से संबंधित गंभीर मरीजों को केजीएमयू, पीजीआई या लोहिया संस्थान रेफर किया जाता है। नई व्यवस्था शुरू होने पर राजधानी के साथ आसपास के जिलों के मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद थी।
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15 जुलाई से शुरू होनी थी ओपीडी
अस्पताल निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के मुताबिक, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर लोहिया संस्थान प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया था। सहमति मिलने के बाद 15 जुलाई से सप्ताह में एक-एक दिन कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी की ओपीडी शुरू करने की तैयारी थी। विशेषज्ञ मरीजों को परामर्श देने के साथ जरूरी जांच भी कराते। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर लोहिया संस्थान रेफर किया जाना था।
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कैंसर संस्थान से भी नहीं मिला सहयोग
चकगंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान से भी सप्ताह में एक दिन कैंसर ओपीडी चलाने के लिए डॉक्टर उपलब्ध कराने की बात हुई थी। संस्थान के निदेशक ने सहमति दी थी, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण विशेषज्ञों ने सिविल अस्पताल आकर सेवा देने में असमर्थता जताई। इससे कैंसर ओपीडी भी शुरू नहीं हो सकी।
वर्जन:::
सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू कराने के लिए दोनों संस्थानों से दोबारा वार्ता चल रही है। पूरे मामले से शासन के आला अधिकारियों को अवगत कराया गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद यूनिट शुरू कराने की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. जीपी गुप्ता, निदेशक, सिविल अस्पताल