पलटवार: सीएम योगी के 'नमाज' वाले बयान पर बरसी सपा, नितिन नवीन की रैली में 'हनुमान' के नृत्य पर उठाया सवाल
राम मंदिर दान चोरी विवाद सामने आने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे सीएम योगी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि आज जो लोग आस्था की बात करते हैं, उन्होंने हमारे पवित्र हनुमान गढ़ी पर 'नमाज' तक पढ़वाई थी। जरा सोचिए, क्या कभी कोई जामा मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकता है?
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पिछली सरकारों पर हनुमान गढ़ी मंदिर में 'नमाज' पढ़वाने का आरोप लगाने के बाद राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडेय ने मुख्यमंत्री के इस बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया रोड शो का जिक्र करते हुए उस वायरल वीडियो पर सवाल उठाए, जिसमें भगवान हनुमान का रूप धरे एक कलाकार को नृत्य करते हुए दिखाया गया था।
क्या कहा था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने?
राम मंदिर दान चोरी विवाद सामने आने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे सीएम योगी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि आज जो लोग आस्था की बात करते हैं, उन्होंने हमारे पवित्र हनुमान गढ़ी पर 'नमाज' तक पढ़वाई थी। जरा सोचिए, क्या कभी कोई जामा मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकता है? क्या कोई सरकार, समाजवादी पार्टी या कांग्रेस ऐसा करवा सकती है? अगर नहीं, तो हनुमान गढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों होने दिया गया? इसके लिए कौन जिम्मेदार था?"
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का इशारा नवंबर 2003 की एक घटना की तरफ था, जब हनुमान गढ़ी के बाहर नमाज पढ़ने का कथित प्रयास किया गया था, हालांकि स्थानीय पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।
सपा सांसद सनातन पांडेय का पलटवार
मुख्यमंत्री के इस बयान का जवाब देते हुए सपा सांसद सनातन पांडेय ने भाजपा पर ही भगवान राम और हनुमान के अपमान का आरोप मढ़ दिया। नितिन नवीन के लखनऊ दौरे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग भगवान राम और भगवान हनुमान के विरोधी हैं। जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लखनऊ आए, तो उनके सामने भगवान हनुमान (का रूप धरे कलाकार) को नचाया जा रहा था। ये आरएसएस और भाजपा के नेता कौन होते हैं यह दावा करने वाले कि वे भगवान राम और हनुमान को समझते हैं?
दान चोरी का आरोप
पांडेय ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि आरएसएस और भाजपा के लोगों ने कभी लोगों की आस्था का सम्मान नहीं किया। उनका काम सिर्फ झूठ फैलाना, आस्था के नाम पर चंदा इकट्ठा करना और फिर उसमें चोरी करना है।
'सनातन ही समाजवाद है'
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के उस बयान का समर्थन करते हुए, जिसमें उन्होंने 'सनातन को समाजवाद के बराबर' बताया था, सनातन पांडेय ने कहा, "अखिलेश यादव बिल्कुल सही हैं। यह देश सिर्फ हिंदुओं या मुसलमानों का नहीं है। यह सनातन धर्म की भूमि है, जिसने हमेशा एकता और सामाजिक सद्भाव के लिए काम किया है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि सनातन धर्म ने जातिगत बाधाओं को तोड़ा है और इसमें ब्राह्मण समुदाय की बड़ी भूमिका रही है।
अवधेश प्रसाद ने भी साधा निशाना
सपा के एक और वरिष्ठ सांसद अवधेश प्रसाद ने भी सीएम योगी के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विकास, सड़कों या अस्पतालों पर कोई बात नहीं की। प्रसाद के मुताबिक, मुख्यमंत्री की चिंता सिर्फ इतनी है कि एक नेता के रूप में उनकी जो छवि बनी है, वह कमजोर न हो जाए। यही कारण है कि वे इस तरह के बेबुनियाद बयान दे रहे हैं।