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Lucknow News: लखनऊ में गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल में छात्राओं से छेड़छाड़, दो स्कूलों के छात्र भिड़े, कई घायल
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लखनऊ। परिवर्तन चौराहे के पास गणतंत्र दिवस परेड के रिहर्सल के दौरान मंगलवार सुबह एक निजी स्कूल की छात्राओं से सैनिक स्कूल के छात्रों ने छेड़छाड़ की। विरोध करने पर पुलिस के सामने ही बवाल किया। सैनिक स्कूल के छात्रों ने दूसरे स्कूल के छात्र-छात्राओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। तीन छात्रों के सिर फट गए और करीब दो दर्जन छात्र-छात्राएं चोटिल हुए। स्कूल प्रशासन ने बच्चों का प्राथमिक उपचार कराया। जिला प्रशासन और जिला विद्यालय निरीक्षक को मामले की जानकारी दी। पुलिस तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कर रही है।
गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल में शहर के अलग-अलग स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने शिरकत की। इसमें ठाकुरगंज स्थित एक निजी स्कूल के 172 छात्र-छात्राएं शामिल थे। सरोजनीनगर के सैनिक स्कूल के भी छात्र इसमें शामिल थे। निजी स्कूल के चेयरमैन के मुताबिक रिहर्सल के दौरान उनके स्कूल की दो छात्राओं से सैनिक स्कूल के छात्रों ने टिप्पणी कर छेड़छाड़ की। छात्राओं ने अपने स्कूल के साथी सहपाठियों से ये बात बताई। इस पर उन्होंने विरोध किया। रिहर्सल खत्म होते ही सैनिक स्कूल के छात्रों ने उनके स्कूली छात्र-छात्राओं को पीटना शुरू कर दिया। डंडों और बेल्टों से सभी को जमकर पीटा। छात्र-छात्राएं इधर-उधर भागे, तब बचे। स्कूल के चेयरमैन का कहना है कि अगर पुलिस सक्रियता दिखाती तो बवाल नहीं होता। न ही इतने बच्चे घायल होते। उन्होंने डीएम व डीआईओएस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
छात्राओं को भी नहीं छोड़ा, कपड़े भी फाड़े
स्कूल के चेयरमैन ने बताया कि छात्राएं किसी तरह से बचकर वैन में बैठकर वहां से निकलने का प्रयास करने लगी थीं। ये देख छात्रों ने उनको जबरन उतार लिया और उनको भी पीटा। यहां तक कि कई छात्राओं के कपड़े भी फाड़ दिए। वहां से गुजर रहे हज हाउस के सचिव ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। कइयों को बचाया। आखिर में पुलिस पहुंची तब तक छात्र बवाल कर चुके थे।
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परेड से किया किनारा, जांच के आदेश
घटना के बाद सैनिक स्कूल के प्रधानाचार्य कर्नल राजेश राघव ने अपर जिलाधिकारी पूर्वी को इस संबंध में पत्र भेजा। इसमें बताया कि रिहर्सल के दौरान हुई हिंसक झड़प की वजह से इस वर्ष की परेड में सैनिक स्कूल के छात्र शामिल नहीं होंगे। प्रकरण में विद्यालय प्रशासन की तरफ से जांच बैठाई गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बवाल करने वालों पर कार्रवाई हो
निजी स्कूल के चेयरमैन ने बताया कि मामले में संबंधित अफसरों से शिकायत की है। डीआईओएस की तरफ से केस दर्ज कराने की बात कही गई है। अगर वहां से कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हम खुद एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने ये भी मांग की कि बवाल करने वाले छात्रों को निष्कासित किया जाए।
तहरीर का इंतजार
डीसीपी सेंट्रल अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि छात्रों के दो गुटों के बीच मामूली विवाद की सूचना मिली थी। जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों ने मामला सुलझा लिया था। अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल में शहर के अलग-अलग स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने शिरकत की। इसमें ठाकुरगंज स्थित एक निजी स्कूल के 172 छात्र-छात्राएं शामिल थे। सरोजनीनगर के सैनिक स्कूल के भी छात्र इसमें शामिल थे। निजी स्कूल के चेयरमैन के मुताबिक रिहर्सल के दौरान उनके स्कूल की दो छात्राओं से सैनिक स्कूल के छात्रों ने टिप्पणी कर छेड़छाड़ की। छात्राओं ने अपने स्कूल के साथी सहपाठियों से ये बात बताई। इस पर उन्होंने विरोध किया। रिहर्सल खत्म होते ही सैनिक स्कूल के छात्रों ने उनके स्कूली छात्र-छात्राओं को पीटना शुरू कर दिया। डंडों और बेल्टों से सभी को जमकर पीटा। छात्र-छात्राएं इधर-उधर भागे, तब बचे। स्कूल के चेयरमैन का कहना है कि अगर पुलिस सक्रियता दिखाती तो बवाल नहीं होता। न ही इतने बच्चे घायल होते। उन्होंने डीएम व डीआईओएस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
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छात्राओं को भी नहीं छोड़ा, कपड़े भी फाड़े
स्कूल के चेयरमैन ने बताया कि छात्राएं किसी तरह से बचकर वैन में बैठकर वहां से निकलने का प्रयास करने लगी थीं। ये देख छात्रों ने उनको जबरन उतार लिया और उनको भी पीटा। यहां तक कि कई छात्राओं के कपड़े भी फाड़ दिए। वहां से गुजर रहे हज हाउस के सचिव ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। कइयों को बचाया। आखिर में पुलिस पहुंची तब तक छात्र बवाल कर चुके थे।
परेड से किया किनारा, जांच के आदेश
घटना के बाद सैनिक स्कूल के प्रधानाचार्य कर्नल राजेश राघव ने अपर जिलाधिकारी पूर्वी को इस संबंध में पत्र भेजा। इसमें बताया कि रिहर्सल के दौरान हुई हिंसक झड़प की वजह से इस वर्ष की परेड में सैनिक स्कूल के छात्र शामिल नहीं होंगे। प्रकरण में विद्यालय प्रशासन की तरफ से जांच बैठाई गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बवाल करने वालों पर कार्रवाई हो
निजी स्कूल के चेयरमैन ने बताया कि मामले में संबंधित अफसरों से शिकायत की है। डीआईओएस की तरफ से केस दर्ज कराने की बात कही गई है। अगर वहां से कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हम खुद एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने ये भी मांग की कि बवाल करने वाले छात्रों को निष्कासित किया जाए।
तहरीर का इंतजार
डीसीपी सेंट्रल अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि छात्रों के दो गुटों के बीच मामूली विवाद की सूचना मिली थी। जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों ने मामला सुलझा लिया था। अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।