सुना है क्या: 'खाकी को ही धमकी' की कहानी, साथ ही बढ़ गई नेताजी की पूछ और अकूत संपदा का मालिक अभियंता के किस्से
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
विस्तार
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'खाकी को ही धमकी' की कहानी। इसके अलावा '...तो बढ़ गई नेताजी की पूछ' और 'अकूत संपदा का मालिक अभियंता' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...
खाकी को ही धमकी
साइकिल वाले एक नेताजी अफसरों को धमकाने के लिए मशहूर हैं। हद तो उन्होंने तब कर दी जब राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में जाने पर सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर को ही धमकाने लगे। इंस्पेक्टर माफिया अतीक अहमद की हत्या के दौरान प्रयागराज में तैनात था। राजधानी आते ही वह नेताजी के निशाने पर आ गया। कार्यक्रम से निकलने के दौरान नेताजी ने उससे कहा कि इधर आइए, आप वही हैं जो प्रयागराज से आए हैं। आपका वीडियो मैंने रखा है। सारे पुलिसकर्मियों के सामने बता रहा हूं कि आगे आपको भी देखूंगा। इस धमकी भरे लहजे से पास खड़े सभी पुलिसवाले सन्न रह गए। सुना है कि नेताजी की धमकी की चर्चा उच्चस्तर पर भी पहुंच गई है।
...तो बढ़ गई नेताजी की पूछ
सत्ता वाले दल के संगठन में नया निजाम आने के बाद से ही उनके गुरुजी का रुतबा उछाल पर है। उनके राजधानी में पहुंचते ही पैर छूने वालों का तांता लग रहा है। ये वही गुरुजी हैं जो पहले राजधानी आते थे तो संगठन वाले लोग रास्ता बदलकर चले जाते थे। समय बदला तो वही लोग गुरुजी के चरणों में पड़े दिख रहे हैं। दरअसल इस समय संगठन में बदलाव की बयार चल रही है। इसलिए तमाम पदाधिकारी जहां संगठन में अपना पद बरकरार रखने तो कई लोग ताजपोशी के लिए गुरुजी के सहारे नए निजाम को साधने में जुटे हैं। अब देखना है कि बदलाव की सूची में कितने लोगों को गुरुजी का आशीर्वाद मिला है?
अकूत संपदा का मालिक अभियंता
सड़क वाला अभियंता नाम का ही सड़क का है। एक सजातीय नौकरशाह के सहारे उसने अकूत संपदा इकट्ठा कर रखी है। कई शहरों में उसकी जमीनें हैं। न जाने कहां-कहां मोटा निवेश भी कर रखा है। अभियंता ने बहाली के कुछ ही दिनों के भीतर उससे कहीं ज्यादा कमा लिया जितना निलंबन के दौरान खोया था। अब तो सजातीय नौकरशाह के नाम पर भी वसूली कर रहा है।