{"_id":"6969d865fa1744bfc80fbca6","slug":"suna-hai-kya-when-number-two-snatched-the-opportunity-hopes-were-dashed-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुना है क्या: नंबर दो ने छीन लिया मौका तो लगा उम्मीदों को झटका... एक ही कंपनी की हर टेंडर में दिखी ताकत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुना है क्या: नंबर दो ने छीन लिया मौका तो लगा उम्मीदों को झटका... एक ही कंपनी की हर टेंडर में दिखी ताकत
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:50 AM IST
विज्ञापन
सार
यूपी की सियासत में और विभागों में कुछ ऐसी बातें चर्चा में आ जाती हैं जिनके किस्से लगातार चर्चा में रहते हैं। आज पढ़ें कि कैसे एक माननीय की उम्मीदों को झटका लग गया तो एक विभाग के हर टेंडर में एक ही कंपनी की ताकत नजर आ रही है। पढ़ें ये किस्से:
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
विस्तार
उत्तर प्रदेश में एक माननीय की उम्मीदों को उस समय झटका लग गया जब उन्होंने जो कुर्सी अपने लिए लगाई थी उस पर नंबर दो आ बैठे और इशारा करने के बाद भी हटने से मना कर दिया। वहीं, सरकारी खजाना भरने वाले विभाग के अधिकारी दिन रात जुगत लाने में भिड़े हैं। वहीं, अधिकारी का एक कंपनी से खास कनेक्शन की भी चर्चा रही। पढ़ें, आज की कानाफूसी
Trending Videos
उम्मीदों को लगा झटका
हाल ही में प्रदेश भर के युवाओं को सम्मानित करने का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभाग के माननीय इसमें पूरे जोर-शोर से लगे थे। मंच की जिम्मेदारी माननीय से खुद संभाल रखी थी और प्रदेश के मुखिया के साथ उन्होंने अपनी कुर्सी भी सेट कर ली थी। किंतु जब मुखिया आए तो उनके साथ पहले से चल रहे नंबर दो उस कुर्सी पर विराजमान हो गए। हालांकि माननीय ने इशारों में खुद के बैठने की इच्छा जताई लेकिन नंबर दो ने इसे इग्नोर कर दिया। तब माननीय मन दबाकर दूसरी खाली कुर्सी पर बैठे और बुझे हुए मन से नंबर दो को देखते रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैसे मिलेगी मुक्ति
सरकारी खजाना भरने वाले एक महकमे में इन दिनों अजीब सा नजारा है। एक तरफ महकमे की डिमांड की तैयारी में लगे हैं तो दूसरी तरफ नीचे वाले फटाफट फाइलें निपटाने के चक्कर में सर्दी में पसीना बहा रहे हैं। एक साहब का दफ्तर तो शाम चार बजे के बाद ही गुलजार हो रहा है। मार्च के चक्कर में ठेके वाले विभाग ने अपना पैसा निकलवाने में खुला विंटर ऑफर दे दिया है। उसकी सफलता को देख ऐसे ही दो अन्य विभाग के अफसर फाइल जल्दी पास करने के लिए उससे भी बढ़िया ऑफर मकर संक्रांति के बाद मार्केट में लाने जा रहे हैं।
ये कनेक्शन बेहद खास
एक बड़े विभाग की टेंडर प्रक्रिया विवादों के घेरे में है। संयोग ऐसा रहा कि हर टेंडर में एक कंपनी की विशेष शक्ति देखने को मिली। उसी ने हर तरफ बाजी मारी। एक इत्तेफाक और भी है। कंपनी जिस प्रदेश के गुलाबी शहर की है वहां से विभाग के एक अफसर का भी सीधा कनेक्शन है। उनकी जड़ें भी उसी प्रदेश से जुड़ी हैं। फिर क्या था जो वश में था वह क्षेत्रवासी के लिए दिल खोलकर किया गया। ये क्षेत्रवाद बेहद असरदार रहा।
आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।
