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सुना है क्या: आयुर्वेद विभाग के मुखिया से परेशान कर्मचारी तो कुर्सी की दौड़ लगा रहे साहब, पढ़ें अंदर की बातें
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 02 Jan 2026 02:38 PM IST
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सार
यूपी के आयुर्वेद विभाग में बड़ी हलचल है। कर्मचारी बोल रहे हैं मुखिया जी जो करना हो कर दो पर धमकी मत दो। वहीं, पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग में तो कर्मचारियों को ठंड में पसीना लाने वाला माहौल है। पढ़ें, विभागों के अंदर चल रही कानाफूसी:
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूपी के आयुर्वेद विभाग के कर्मचारी अपने मुखिया से परेशान हैं और हाल ये है कि कह रहे हैं कि जो करना है कर दो पर धमकियां तो मत ही दो। वहीं, आयोग और निगमों में होने वाली नई नियुक्तियों को लेकर नेताजी दौड़ लगा रहे हैं। वहीं, पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग में तो ठंड में पसीना लाने वाला माहौल हैं। पढ़ें अंदर की कानाफूसी:
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आयुर्वेद विभाग में हलचल
आयुर्वेद विभाग में इन दिनों हलचल है। मुखिया के कार्य-व्यवहार ने कर्मचारियों को परेशान कर रखा है। यही वजह है कि कर्मचारी अभद्र व्यवहार ही नहीं मानसिक उत्पीड़न तक का आरोप लगा रहे हैं। वे बात-बात में मिल रही तबादले की धमकी से आजिज आ गए हैं। कर्मचारियों का दो टूक कहना है कि जो भी करना है कर दिया जाए, लेकिन धमकी न दी जाए।
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कुर्सी की दौड़, साहब बेजोड़
जब से यह खबर फैली है कि नए साल में आयोग और निगमों के खाली पदों को भरा जाएगा, हाशिए पर पड़े दर्जन भर नेता माननीय बनने के ख्वाब में डूब गए हैं। सफेद कुर्ता पायजामा में कलफ चढ़वा कर परिक्रमा में जुट गए हैं। ऐसे ही दो नेताओं की जोड़ी तीन नौकरशाहों की चौखट नाप रही है। घर से लेकर गोमती नगर के पांच सितारा होटल में महफिलें सज रही हैं। सफलता कदम चूमेगी या नहीं, फिलहाल माल गलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
साहब ने दिया नववर्ष का तोहफा
पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग में बड़े साहब की समीक्षा बैठकें मातहतों के लिए इस कड़कड़ाती ठंड में भी पसीना लाने वाली होती हैं। साहब ने साल के आखिरी दिन समीक्षा बैठक ली तो कई अधिकारियों ने सोचा कि पुराना साल तो खराब होगा ही इसकी धमक नए साल में भी दिखेगी। किंतु ऐन समय में वे बैठक में नहीं पहुंचे तो सभी ने कहा कि बड़े साहब ने नए साल का तोहफा दे दिया है। इसके बाद सभी ने पूरे जोश के साथ नए साल का जश्न मनाया।
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