UP: होम लोन और कैश क्रेडिट के नाम पर नैनीताल बैंक के हड़पे 1.56 करोड़, 34 लोगों पर एफआईआर
लखनऊ में नैनीताल बैंक से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर होम लोन और कैश क्रेडिट लेकर 1.56 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। बैंक की जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद 34 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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गोमतीनगर स्थित नैनीताल बैंक की पत्रकारपुरम शाखा के प्रशासनिक अधिकारी जोहेब अहमद खान ने 34 लोगों पर बैंक के 1.56 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। डीसीपी पूर्वी के आदेश पर गोमतीनगर पुलिस ने सोमवार को एफआईआर दर्ज की है।
जोहेब अहमद खान ने बताया कि 20 जनवरी से तीन मई 2025 के बीच बैंक ने आठ लोगों को होम लोन और एक को कैश क्रेडिट की सुविधा दी थी। नौ लोगों ने अपनी संपत्तियों के दस्तावेज बैंक में लगाए थे। सभी को कुल 1.56 करोड़ रुपये बैंक ने दिए थे। पांच जुलाई 2025 को बैंक को एक शिकायती पत्र मिला था। पूरे मामले की जांच जब बैंक की लीगल टीम ने की तो काफी गड़बड़ी मिली। पैनल मूल्यांकक की मूल्यांकन रिपोर्ट में भी गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
पता चला कि वे नौ लोग जिन्होंने होम लोन और कैश क्रेडिट की सुविधा ली थी उन्होंने बैंक में संपत्तियों के दस्तावेज फर्जी लगाए थे। कुछ ने दूसरों की संपत्तियों के दस्तावेज लगाए थे तो कुछ ने अपना पता गलत दर्ज कराया था। इन लोगों ने जो अपने गवाह खड़े किए थे वे भी फर्जी थे।
जोहेब ने बताया कि ऐसे में गबन में नौ लोगों के साथ ही 25 अन्य लोग भी शामिल थे। इन में 25 में से कुछ गवाह और कुछ बैंक के मूल्यांकक भी शामिल हैं। अब सभी नौ लोन खाते एनपीए घोषित किए जा चुके हैं। जोहेब ने बताया कि बैंक की आंतरिक जांच पूरी होने पर उन्होंने डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा से की।
ये हैं आरोपी
इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया है। प्रशासनिक अधिकारी की तहरीर पर अतुल प्रकाश, राकेश कुमार, इंदु शर्मा, विजय कुमार, महक फातिमा, सोनू शुक्ला, महफूज, लोकेश कुमार शुक्ला, अर्चना शुक्ला, शिवा वर्मा, भारती अग्रवाल, रुचि अग्रवाल, कल्पना सिंह, कृष्णा देवी, संगीता, बाबूराम, सुमन मेहरोत्रा, संजय कुमार, विनोद कुमार, कमलेश वर्मा, अमित, विजय कुमार, अनिल, देवल कुमार रस्तोगी, अर्पित श्रीवास्तव, प्रिंयशु दुबे, विनोद कुमार, महफूज, सोनू शुक्ला, विवेक कुमार, आशीष कुमार, आशीष सिंह, नरेंद्र सिंह और सत्येंद्र कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की विवेचना दरोगा मृत्युंजय नाथ शर्मा कर रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।