यूपी: पहली ही बारिश में दबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, इसके पहले बुंदेलखंड-पूर्वांचल एक्सप्रेस का भी यही हाल हुआ
मानसून की बारिश से उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचा। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क धंस गई, जबकि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भी दरारें और गड्ढे सामने आए। कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।
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उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हाल ही में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ था। उद्घाटन के महज 12 दिन बाद ही उन्नाव में सड़क धंस गई। वहीं, तीन पहले साल पहले सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने से करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया था, जिसमें एक कार गिर गई। इससे पहले जुलाई 2022 में उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का हिस्सा भी बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। वहीं, निर्माण के दौरान मई 2021 में भी कुवांसी-हलियापुर के बीच अंडरपास की बीम में दरार और मिट्टी बहने की घटना सामने आई थी।
वहीं, अब बात करते हैं देहरादून की। जहां पर नंदा की चौकी के पास 16 करोड़ रुपये की लागत से बना नया पुल पहली ही बारिश में धंस गया। इस तरह दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) धंस गया और 10-12 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि बारिश की वजह से महज कुछ दिनों पहले एक्सप्रेस-वे ही धंस जा रहे हैं। पढ़ें कब-कब कहां हुई धसान?
1. उद्घाटन के 12वें दिन धंसी कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क
हाल ही में शुरू हुए हाईटेक कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर पहली ही बारिश में सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 12वें दिन शनिवार को उन्नाव जिले के अचलगंज कोरारी टोल से करीब 01 किलोमीटर आगे लखनऊ जाने वाली लेन की सड़क अचानक धंस गई।
किलोमीटर संख्या 64.4 पर सड़क का लगभग 05 से 07 मीटर हिस्सा धंसने से वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया। समाजवादी पार्टी के नेता द्वारा धंसी सड़क का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के बाद हड़कंप मच गया, जिसके बाद निर्माण एजेंसी ने आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू कराया।
13 जुलाई को हुआ था उद्घाटन
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को आगामी यातायात सुगमता के लिए 13 जुलाई को जनता के समर्पित किया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से इसका भव्य उद्घाटन किया था।
2. सुल्तानुपर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हो गया था गड्डा
सुल्तानपुर में 6 अक्टूबर की रात पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 15 फीट का गड्ढा हो गया। इसमें एक कार गिर गई। इस एक्सप्रेस वे का शुभारंभ 16 नवंबर 2021 को हुआ था। इससे पहले मई 2021 में निर्माण के दौरान भी तीन दिनों तक हुई बरसात में कुवांसी-हलियापुर के बीच एक्सप्रेस वे के अंडर पास की बीम दरकी थी।
अंडरपास की रेलिंग व फुटपाथ की मिट्टी बह गई थी। सड़क में दरार आ गई थी। उस समय भी इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। सुल्तानपुर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर अयोध्या-सुलतानपुर मार्ग पर स्थित हलियापुर थाना क्षेत्र से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निकाला है।
3. बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे भी बनने के एक सप्ताह बाद धंस गया था
पीएम नरेंद्र मोदी ने 16 जुलाई को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे उद्घाटन किया। 296 किमी बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बनने के एक सप्ताह के भीतर ही जालौन के पास धंस गया। रातों रात इसकी भी जेसीबी से मरम्मत हुई। यह भी रिकार्ड 28 महीने में तैयार किया या था। इसे 36 महीने में तैयार करने का लक्ष्य था। जब इसकी गुणवत्ता पर सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सवाल उठाए थे।
अब इन एक्सप्रसे-वे के बारे में भी जानिए
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, बारिश में धुलने लगे दावे
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड आर्थिक गलियारा मार्ग पर बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। करौदा महाजन और डुंगर गांव के पास वर्षा का पानी रिसने से सड़क का हिस्सा धंस गया और गहरे गड्ढे बन गए। राहत की बात यह रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन घटना का दृश्य सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों में हलचल मच गई।
दिल्ली-जयपुर हाईवे धंसा
राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक, हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आया। एनएच-48 पर सनबीम कंपनी के पास मुख्य सड़क का एक हिस्सा धंसने से दो लेन बंद करनी पड़ीं।