UP: सोशल मीडिया पर झूठ बोला तो इंफ्लुएंसर के बजाय बिल्डर पर होगी कार्रवाई; पढ़ें रीयल एस्टेट की नई पॉलिसी
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी बनी हुई है। नई नीति के तहत सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने वाले इंफ्लुएंसर के बजाय संबंधित बिल्डर पर कार्रवाई की जाएगी। पहली छमाही में 143 नई परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। रेरा ने हजारों विवादों का निस्तारण कर घर खरीदारों को करोड़ों रुपये वापस दिलाए।
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उत्तर प्रदेश में रीयल इस्टेट सेक्टर तेजी से विकास कर रहा है। इस वर्ष की पहली छमाही यानी जून तक 143 नई परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं। इनमें में 46,049 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा और लगभग 31,952 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा ) की वर्ष 2026 की अर्धवार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी देने पर इंफ्लुएंसर के बजाय संबंधित बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यूपी रेरा ने छह महीने में 11,558 मामलों में 6,032 करोड़ रुपये के विवादों का निस्तारण भी किया। संजय भूसरेड्डी ने बताया कि कि इंफ्लुएंसर किसी भी सोशल मीडिया पर हो लेकिन बिना पंजीकरण वाली योजनाओं का प्रचार करेंगे और भ्रामक जानकारी देंगे तो बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि इंफ्लुएंसर मुफ्त में प्रचार नही करते। अब ऐसे सोशल मीडिया एकाउंट्स की पूरी जानकारी लेने के लिए केंद्र सरकार के विभाग से संपर्क किया जाएगा।
अर्धवार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां एनसीआर में प्रीमियम और लक्जरी परियोजनाओं में बड़े निवेश जारी हैं, वहीं एनसीआर के बाहर आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं का तेज विस्तार हो रहा है।
राजधानी लखनऊ पहली छमाही में 37 नई परियोजनाओं के साथ सबसे आगे है। इसके बाद गौतम बुद्ध नगर (27), गाजियाबाद (19), आगरा (10), मथुरा (10), वाराणसी (7), झांसी (3), बाराबंकी (3), बरेली (3) और प्रयागराज (3) का स्थान है। हालांकि गौतमबुद्ध नगर अब भी कुल निवेश और आवासीय इकाइयों की संख्या के मामले में सबसे आगे है।
तीन वर्षों में लगातार बढ़ा रियल एस्टेट
वर्ष 2023 में 197, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। आवासीय इकाइयों की संख्या क्रमश: 55,297, 69,365 और 84,976 रही। वर्ष 2026 की पहली छमाही में प्रस्तावित 46,049 आवासीय इकाइयों को जोड़ने पर वर्ष 2023 से अब तक कुल 2,55,687 आवासीय इकाइयां बाजार में लाई जा चुकी हैं। पूंजी निवेश वर्ष 2023 में 28,411 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024 में 44,526 करोड़ रुपये और वर्ष 2025 में 68,328 करोड़ रुपये हो गया।
घर खरीददारों को 2,173 करोड़ रुपये दिलाए वापस
यूपी रेरा ने जिला प्रशासन की सहायता से 6,411 मामलों में 1,623 करोड़ रुपये की धनराशि घर खरीददारों के बैंक खातों में वापस कराई गई। रिकवरी सर्टिफिकेट जारी होने के बाद बिल्डरों से समझौते के माध्यम से 1,801 आवंटियों को 550.50 करोड़ रुपये दिलाए गए। इस प्रकार कुल 8,212 मामलों में 2,173.78 करोड़ रुपये घर खरीददारों को वापस दिलाए गए।
विवादों का समाधान
- 3,237 मामलों में रेरा पीठों के माध्यम से 1,958 करोड़ रुपये के विवादों का समाधान।
- 1,648 मामलों में सुलह मंच के माध्यम से 657 करोड़ रुपये के विवादों का समाधान।
- 6,673 आवंटियों को ऑनलाइन पोर्टल से आपसी सहमति से 3,417.42 करोड़ रुपये के विवादों का निस्तारण।
अपंजीकृत योजनाओं पर शिकंजा कसा जा रहा
यूपीरेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि अर्धवार्षिक रिपोर्ट दिखाती है कि उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीददारों और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। घर खरीदारों का हित सुरक्षित रखने के लिए एक तरफ अपंजीकृत योजनाओं पर शिकंजा कसा जा रहा है तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया की गहन निगरानी की जा रही है।