UP: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एलडीए एक्शन मोड में, लखनऊ के 51 अवैध कॉम्प्लेक्स पर चलेगा बुलडोजर
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अलीगंज में आवासीय भूखंडों पर बने अवैध व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। संबंधित फाइलें निकाली गई हैं और सर्वे की तैयारी चल रही है। जिन मामलों में न्यायालय से रोक नहीं है, वहां सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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अलीगंज में भू-उपयोग के विपरीत बने अवैध निर्माणों पर जल्द ही कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एलडीए ने इन पर कार्रवाई के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है। जिसके तहत विहित प्राधिकारी न्यायालय से अवैध निर्माण से संबंधित फाइलें निकलवाई गई हैं।
जल्द ही सुप्रीम कोर्ट की टीम सर्वे के लिए शहर आएगी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार केस की सुनवाई करते हुए लखनऊ समेत देश के अन्य महानगरों में अवैध निर्माण के प्रकरणों को लेकर सक्षम विभाग के अधिकारियों को तलब किया था।
व्यावसायिक निर्माण चिन्हित किए गए
प्रकरण की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी में आवासीय भूखंड पर बने अवैध व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में अग्निकांड की घटना पर सख्त रुख अपनाया। एलडीए की ओर से कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग में मानकों के विपरीत बने 51 व्यावसायिक निर्माण चिन्हित किए गए हैं।
कोट ने उक्त समस्त प्रकरणों में की गई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट की टीम शहर में आकर अलीगंज क्षेत्र में अवैध निर्माणों का सर्वे करेगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की योजना तैयार की गई है। जिसके अंतर्गत विहित प्राधिकारी न्यायालय से उक्त निर्माण कार्यों से संबंधित वाद की फाइलें निकलवाई गई हैं।
नियमानुसार सीलिंग-ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी
बुधवार को प्रवर्तन जोन चार की टीम ने गोपनीय तरीके से स्थल निरीक्षण करके उक्त निर्माण कार्यों का मुआयना किया। जिसमें भवनों में अध्यासन की वर्तमान स्थिति और कार्रवाई में लगने वाली मशीनरी और मैन पॉवर के संबंध में प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जिन मामलों में सक्षम न्यायालय से किसी भी तरह का स्टे ऑर्डर जारी नहीं है, उन पर नियमानुसार सीलिंग-ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।