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UP: पिता आनंद कुमार के साथ मीटिंग में पहुंचे आकाश, मायावती के पैर छुए; पर प्रदेश की जिम्मेदारी से रखा गया दूर

अशोक मिश्रा, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 25 May 2026 08:27 AM IST
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सार

Is Mayawati angry with Akash?: यूपी में बसपा फिलहाल आकाश आनंद को किसी प्रकार की जिम्मेदारी देने के मूड में नहीं दिख रही है। आकाश आनंद की भूमिका पर मायावती ने चुप्पी ओढ़ रखी है। 

UP: Akash accompanied his father Anand Kumar to a meeting, touched Mayawati's feet, but was kept away from sta
यूपी में आकाश आनंद की भूमिका पर सवाल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

 बसपा की समीक्षा बैठक में आकाश आनंद की वापसी की खूब चर्चा रही। वह मायावती के साथ बैठक में पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, लेकिन यूपी की राजनीति में उनकी जिम्मेदारी को लेकर मायावती ने कुछ नहीं कहा। इससे यूपी में फिलहाल आकाश की वापसी के आसार नहीं दिख रहे हैं। वहीं, पार्टी के खराब प्रदर्शन के बीच अब बसपा के भीतर युवाओं को आगे लाने की मांग तेज हो रही है। बैठक में आकाश के साथ उनके पिता आनंद कुमार भी आए थे।





बसपा ने हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में तामिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में किस्मत आजमाई थी, लेकिन तीनों राज्यों में उसका वोट बैंक घटकर आधा रह गया। इन राज्यों की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पास थी। आकाश को केवल चंद जनसभाएं करने भेजा गया था। इसके बाद यूपी चुनाव के मद्देनजर आकाश की लगातार मांग हो रही है। बसपा सुप्रीमो ने आकाश को देश भर में संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी दी है। यूपी और उत्तराखंड में बसपा का खासा जनाधार है जो आकाश की सियासी सफलता की वजह बन सकता है। इसके बावजूद बसपा सुप्रीमो ने बैठक में यूपी चुनाव में आकाश की भूमिका पर कुछ नहीं कहा। उनके मई में प्रस्तावित चुनाव प्रचार अभियान का आगाज भी मायावती को करना था, इस बारे में भी उन्होंने चुप्पी साधे रखी।

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युवाओं की टीम जरूरी

पार्टी के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि यूपी चुनाव की जिम्मेदारी पूरी तरह आकाश को सौंप देनी चाहिए। मायावती अब ज्यादा चुनावी दौरे नहीं करती हैं। आकाश और उनसे जुड़े युवाओं की टीम माहौल बना सकती है। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल तो सक्रिय रहते हैं लेकिन अन्य पदाधिकारी चुनावी तैयारियों को लेकर उदासीन हैं। अब मायावती को यूपी और उत्तराखंड को लेकर आकाश पर भरोसा करना होगा तभी पार्टी को कुछ सफलता मिल सकती है।

चर्चा में रही होर्डिंग

समीक्षा बैठक के दौरान बसपा कार्यालय के बाहर लगी एक होर्डिंग की खासी चर्चा रही। इस पर मायावती का संदेश लिखा था, जिस समाज का इतिहास नहीं होता है, वह समाज कभी शासक नहीं बन पाता है। इतिहास से प्रेरणा मिलती है, प्रेरणा से जागृति आती है, जागृति से सोच बनती है, सोच से ताकत बनती है, ताकत से शक्ति बनती है और शक्ति से शासक बनता है।

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