UP Cabinet: शिक्षामित्रों का मानदेय दस से बढ़ाकर 18 हजार तो अनुदेशकों का मानदेय नौ से बढ़ाकर 17 हजार किया गया
राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार और अनुदेशकों का 17 हजार किया गया है। यह बढ़ोतरी अप्रैल से लागू होगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा पर मुहर लगाते हुए योगी कैबिनेट ने मंगलवार को शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2017 में 10,000 रुपये निर्धारित किए गए शिक्षामित्रों के मानदेय को अब बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाकर अब 17,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल माह से लागू हो जाएगा।
इस निर्णय से प्रदेश सरकार पर कुल 1475.27 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। यह निर्णय उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र 2026 के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में लिया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि बढ़ा हुआ मानदेय वर्ष में 11 माह के लिए देय होगा।
1.43 लाख शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक केंद्र सरकार से समग्र शिक्षा अभियान के तहत 60:40 अनुपात में प्राप्त होता था।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्रांश के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा तथा अनुमोदन प्राप्त न होने की स्थिति में बढ़े हुए मानदेय के कारण इन पर आने वाला अतिरिक्त ₹1138.12 करोड़ का व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं शेष 13,597 शिक्षामित्र, जिनका भुगतान पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, उनके लिए ₹119.65 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार भी प्रदेश सरकार उठाएगी।
करीब 25 हजार अनुदेशक होंगे लाभान्वित
संदीप सिंह ने बताया कि इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों को भी बड़ी राहत दी गई है। वर्ष 2017 में निर्धारित ₹9,000 मानदेय को बढ़ाकर अब ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं।
इस वृद्धि से राज्य सरकार पर ₹217.50 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में यह वृद्धि शामिल होगी।