UP: सीएम योगी की घोषणा के बाद भी पुलिस भर्ती में इन अभ्यर्थियों को नहीं मिलेगी छूट, जानें क्यों
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में मृतक आश्रित कोटे के अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा में कोई छूट नहीं मिलेगी। अधिक उम्र होने के बावजूद उन्हें निर्धारित दौड़ पूरी करनी होगी। पहले रियायत देने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक नियमों में बदलाव नहीं हुआ, जिससे अभ्यर्थियों को कठिनाई हो रही है।
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बलिया निवासी वीना तिवारी मृतक आश्रित कोटे से भर्ती के लिए आगामी 30 अप्रैल को राजधानी स्थित पीएसी की 35वीं वाहिनी में 2.4 किमी की दौड़ लगाएंगी। वीना की उम्र 50 वर्ष से अधिक हो चुकी है। पति आरपी तिवारी की मृत्यु के बाद परिवार का भरण-पोषण करने के लिए नौकरी करना जरूरी हैं।
उन्हें इस उम्र में भी दौड़ना पड़ेगा क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुझाव के बाद भी मृतक आश्रितों की शारीरिक दक्षता परीक्षा की शर्तों में अभी तक कोई रियायत नहीं दी गई है। कुछ ऐसा ही हाल 40 वर्ष से अधिक उम्र की प्रयागराज निवासी शिप्रा सिंह, बिजनौर की स्वाति मिश्रा, बुलंदशहर की नेहा तिवारी, कानपुर देहात की सोनम अवस्थी का भी है। उम्र के इस पड़ाव में उन्हें भी दौड़ लगानी होगी।
मानक पूरा किए बिना पुलिस भर्ती नहीं हो पाएगी
प्रदेश पुलिस में मृतक आश्रित कोटे से नागरिक पुलिस और पीएसी में उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर व सिपाहियों की भर्ती के लिए 30 अप्रैल को पीएसी की 35वीं वाहिनी में शारीरिक दक्षता परीक्षा होनी है। इसमें पुरुषों को 28 मिनट में 4.8 किमी और महिलाओं को 16 मिनट में 2.4 किमी की दौड़ लगानी होगी।
यह मानक पूरा किए बिना उनकी पुलिस में भर्ती नहीं हो पाएगी। ऐसा ही हाल मृ़तक आश्रित कोटे में भर्ती होने वाले पुरुष अभ्यर्थियों का भी है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में अधिकतर 35 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, जिनको सीधी भर्ती वाले युवा अभ्यर्थियों के बराबर दौड़ना होगा।
सीएम ने छूट देने को कहा था
सीएम योगी ने दो वर्ष पहले पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मृतक आश्रित कोटे से भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में कुछ रियायत देने को कहा था। दरअसल, तमाम अभ्यर्थी अधिक उम्र के होने की वजह से दौड़ लगाने में परेशानी महसूस करते हैं। सीएम ने उनकी फिटनेस को जांचने के लिए अत्याधुनिक तरीके अपनाने की सलाह दी थी। इसके लिए गृह विभाग को मृतक आश्रित कोटे की भर्ती नियमावली में संशोधन करना था, जो अभी तक नहीं हुआ है।