UP: सीएम योगी बोले- प्रदेश में उपद्रव की कोशिशें हुईं, विभाजन मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक
मुख्यमंत्री ने विभाजन की त्रासदी को इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने आंतरिक विभाजन को देश की कमजोरी का कारण बताया। नागरिकता कानून को लेकर हुए विरोध का जिक्र करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने का दावा किया और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
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विस्तार
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 में देश के विभाजन की त्रासदी को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बताया। आज पूरा देश उस भीषण त्रासदी की स्मृतियों से जुड़ रहा है, जब करोड़ों हिंदुओं को अपनी ही मातृभूमि और जन्मभूमि से विस्थापित होना पड़ा तथा बड़ी संख्या में हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समाज के लोगों को हिंसा और कत्लेआम का सामना करना पड़ा।
उस समय पीड़ितों की पीड़ा सुनने और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करने वाला कोई नहीं था। सत्ता प्राप्ति की लिप्सा में एक सनातन राष्ट्र को विभाजन की ओर धकेलकर उसके टुकड़े कर दिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान सीएम ने इससे संबंधित कई पेंटिंग का भी अवलोकन किया।
नागरिकता कानून को लेकर भ्रम फैलाया गया
मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून के प्रावधानों को लेकर विपक्ष द्वारा देश में भ्रम फैलाया गया। कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। इसमें किसी की जमीन या संपत्ति छीनने का कोई प्रावधान नहीं था। इसके बावजूद कानून के विरोध में देश के कई हिस्सों में आंदोलन और हिंसा की कोशिशें हुईं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, मेरठ, संभल, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई स्थानों का उल्लेख किया। प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने के कारण स्थिति को नियंत्रण से बाहर नहीं जाने दिया गया।
बांग्लादेश से आए परिवारों को जमीन से जुड़े कागजात उपलब्ध कराए गए
सीएम ने कहा कि पीलीभीत में बांग्लादेश से आए हजारों परिवारों के दस्तावेज दुरुस्त कर उन्हें जमीन से जुड़े कागजात उपलब्ध कराए गए। लखीमपुर खीरी में भी बांग्लादेश से आए पीड़ित हिंदू परिवारों को नागरिकता उपलब्ध कराई गई। करीब 16 हजार के आसपास लोगों को नागरिकता प्रदान की गई।
वहीं रामपुर में पाकिस्तान से आए लोगों के दस्तावेज दुरुस्त करने और नागरिकता की प्रक्रिया चलने की बात भी कही। सीएम ने कहा कि विभाजन के समय विस्थापित लोगों के पुनर्वास और उनकी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए गंभीर प्रयास होने चाहिए थे लेकिन पिछली सरकारों ने इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
सीएम योगी ने दिया संदेश- देश नहीं झुकने देंगे
विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस पर राजधानी लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मौन यात्रा निकाली गई। सबसे पहले सीएम योगी ने हजरतगंज स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मौन यात्रा के जरिए देश की एकता का संदेश दिया गया।
करीब आधे किमी की यात्रा के दौरान सीएम योगी के हाथ में ‘देश नहीं झुकने देंगे, फिर देश नहीं बंटने देंगे’ लिखा पोस्टर भी नजर आया। उनके साथ लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी कदमताल करते हुए लोकभवन तक पहुंचे। इस दौरान उनके हाथ में ‘राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता सर्वोपरि’, ‘विभाजन के कारण पलायन करने को मजबूर हुए लाखों लोग ट्रेनों से वापस आते समय सांप्रदायिक दंगों की भेंट चढ़ गए’ जैसे तमाम पोस्टर चर्चा का विषय बने।
शत्रु संपत्ति का बंदरबांट करती रही कांग्रेस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन की त्रासदी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस का दायित्व था कि सबसे पहले विस्थापितों को नागरिकता प्रदान कर जमीन के पट्टे उपलब्ध करवाती। जितनी उनकी प्रॉपर्टी वहां नष्ट या जब्त की गई थी, उतनी यहां उपलब्ध करवानी चाहिए थी।