यूपी: ईडी ने मोहम्मद इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया, जब्त होंगी 1000 करोड़ रुपये की तीन चीनी मिल
प्रवर्तन निदेशालय ने मोहम्मद इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया और उसकी तीन चीनी मिलों सहित लगभग 1000 करोड़ की संपत्ति जब्त की। आरोपी लंबे समय से जांच से बच रहा था। न्यायालय के आदेश पर संपत्ति जब्त कर कानून का कड़ा संदेश दिया गया।
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पूर्व बसपा एलएलसी सहारनपुर निवासी मोहम्मद इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है। राजधानी स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने मंगलवार को इसका आदेश जारी कर दिया। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मोहम्मद इकबाल की विदेश की संपत्तियों को भी जब्त कर सकेगा।
ईडी ने उसकी अब तक 5000 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्तियों को जब्त किया है। हालिया आदेश के बाद अब उसकी करीब एक हजार करोड़ की अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई होगी।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक अदालत ने मोहम्मद इकबाल के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (फ्यूजिटिव इकोनॉमिक अफेंडर्स एक्ट) के तहत कार्रवाई करने की घोषणा के साथ संपत्तियों को भी जब्त करने का आदेश दिया है। इस बाबत राजधानी स्थित ईडी के जोनल कार्यालय ने अदालत से अनुरोध किया था।
आदेश के मुताबिक, अब मोहम्मद इकबाल से जुड़ी तीन चीनी मिलों को जब्त किया जाएगा, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग एक हजार करोड़ रुपये है। बता दें कि मोहम्मद इकबाल कई वर्षों से दुबई में पनाह लिए हैं।
उसकी तमाम संपत्तियों को ईडी ने जब्त किया है, जिनमें सहारनपुर की ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी शामिल है। सहारनपुर का सबसे बड़ा खनन माफिया होने की वजह से स्थानीय पुलिस ने भी उसकी संपत्तियों को जब्त किया है। उसके खिलाफ देश भर की एक दर्जन से ज्यादा जांच एजेंसियां छानबीन कर चुकी हैं।
राशिद नसीम मामले में नहीं हुई कार्रवाई
बता दें कि शाइन सिटी घोटाले के मास्टरमाइंड राशिद नसीम के खिलाऊ भी ईडी ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी, हालांकि उसकी संपत्तियों को अभी तक जब्त करके नीलाम नहीं किया जा सका है। ईडी ने राशिद की करीब 128 करोड़ रुपये की संपत्तियों को चिन्हित कर लिया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर इन संपत्तियों को जब्त कर नीलाम करके निवेशकों की गाढ़ी कमाई वापस की जानी थी। इसके लिए ईडी ने निवेशकों से आवेदन भी लिए थे। हालांकि मामला कानूनी दांव-पेंच में फंसकर रह गया।