UP: क्या प्रदेश के स्कूलों का बदलेगा समय, क्यों उठी सिर्फ पांच घंटे का स्कूल चलाने की मांग; शुरू हुआ नया सत्र
Schools in UP: यूपी में एक अप्रैल से माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों का नया सत्र शुरू हो गया है। इस बीच शिक्षक संगठनों ने विद्यालय का समय बदलने की मांग की है।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और प्रदेश महामंत्री उमाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का समय बदलने की मांग की है। पत्र में उन्होंने कहा है कि कोरोना काल में पटरी से उतरी पढ़ाई की भरपाई कराने के लिए टाइम एंड मोशन का शासनादेश जारी कर परिषदीय विद्यालयों का समय बढ़ाया गया था।
यह अब तक लागू है। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत विद्यालय का अधिकतम समय 5 घंटे ही निर्धारित किया गया है। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से इसे देखते हुए स्कूलों का समय 05 घंटे निर्धारित करने का अनुरोध किया है। पूर्व की भांति सुबह 07 से दोपहर 12 बजे तक विद्यालयों का संचालन कराए जाने की मांग की है।
फूलों से सजे स्कूल, तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत
प्रदेश में परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों में बुधवार से नए सत्र 2026-27 की शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन विद्यालयों में उत्सव का माहौल रहा। बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और विद्यालयों को फूलों व गुब्बारों से सजाया गया। वहीं रैली के माध्यम से स्कूल चलो जागरुकता अभियान चलाया गया। इसी के साथ स्कूलों में अखबार पढ़ने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत हुई।
सत्र के पहले दिन से नामांकन बढ़ाने और पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों को वापस स्कूल लाने पर फोकस किया गया। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन के लिए स्कूल चलो अभियान की शुरूआत की गई है। प्रदेश के हर बच्चे का सर्वांगीण विकास ही सरकार का लक्ष्य है।
अभियान का पहला चरण 01 से 15 अप्रैल तक चलेगा। दूसरा चरण 01 से 15 जुलाई तक होगा। इसके तहत पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालय से जोड़ा जाएगा। स्कूल चलो अभियान से शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में प्रदेश को सफलता मिली है। सरकार सभी बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयास कर रही है। अभियान के जरिए इनके शत-प्रतिशत नामांकन पर जोर दिया जा रहा है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि अभियान के संचालन के लिए हर जिलो को 5 लाख रुपये, ब्लॉक को 10 हजार और विद्यालय को 2500 रुपये विभिन्न गतिविधियों के लिए दिए गए हैं। रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम, एलईडी वैन से जागरूकता, गांव तक पहुंचेगा अभियान। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण की जा रही हैं। एलईडी वैन 15 दिनों तक प्रतिदिन विभिन्न स्थानों पर प्रचार करेगी।