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UP: राज्यपाल बोलीं- पीएम को गालियां दी जा रहीं, आखिर हम कैसी शिक्षा ले रहे; राजनीतिक शुचिता पर जताई चिंता

Fri, 31 Jul 2026 07:50 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 31 Jul 2026 07:50 PM IST
सार

लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक भाषा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के नाम पर प्रधानमंत्री को अपशब्द कहना आत्ममंथन का विषय है। राज्यपाल ने शिक्षकों और विद्यार्थियों से शिक्षा के उद्देश्य, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

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UP: Governor says the PM is being subjected to verbal abuse—what kind of education are we receiving? Expresses
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन यदि उसी के नाम पर देश के प्रधानमंत्री को गालियां दी जाएं, तो यह आत्मचिंतन का विषय है। लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को राजनीतिक शुचिता और शिक्षा के गिरते मानकों पर चिंता जताते हुए शिक्षकों और विद्यार्थियों से सवाल किया, हम आखिर कैसी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि इस विषय पर शिक्षक और छात्र दोनों को गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है।

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अटल बिहारी वाजपेयी वैज्ञानिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बोलने की आजादी सभी को है, लेकिन स्वतंत्रता के नाम पर प्रधानमंत्री को गालियां दी जा रही हैं। उन्होंने इसे शिक्षा के गिरते स्तर से जोड़ते हुए कहा कि यह गंभीर विषय है, जिस पर पूरे समाज को ध्यान देना चाहिए। 
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शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने युवाओं से नैतिक मूल्यों का पालन करने का आह्वान किया और शिक्षा संस्थानों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से पूछा कि हमारी शिक्षा प्रणाली आखिर कैसी पीढ़ी तैयार कर रही है। उनका कहना था कि यदि शिक्षा संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध नहीं करा पा रही है, तो इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। समाज को इस दिशा में मिलकर काम करना होगा।

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