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यूपी: प्रदेश में हाईटेक नकल गैंग का भंडाफोड़, माइक्रो डिवाइस से परीक्षा में पहुंच रहे थे जवाब; 13 गिरफ्तार

Sun, 12 Jul 2026 11:05 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 12 Jul 2026 11:05 PM IST
सार

Examination gang in UP: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का यूपी एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। 
 

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UP: High-tech cheating gang busted in the state, answers were being transmitted to the exam through micro devi
यूपी में नकल गिरोह का भंडाफोड़ - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का रविवार को एसटीएफ ने भंडाफोड़ कर दिया। वाराणसी के दो परीक्षा केंद्रों और प्रयागराज में एक साथ छापेमारी कर गिरोह से जुड़े 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो अभ्यर्थी भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से चार माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 11 मोबाइल फोन, दो प्रिंटर, दो प्रवेश पत्र, दो प्रश्नपत्र और दो ओएमआर शीट बरामद हुई हैं।

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एसटीएफ के मुताबिक, परीक्षा रविवार को लखनऊ, गाजियाबाद और वाराणसी में आयोजित हुई थी। सूचना के आधार पर वाराणसी के एंग्लो इंडियन मुस्लिम इंटर कॉलेज, हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज और प्रयागराज के बहरिया क्षेत्र में एक साथ दबिश दी गई। कार्रवाई में कप्तान सिंह पटेल, ओम प्रकाश पटेल, राकेश कुमार पटेल, रविकांत वर्मा उर्फ अखिलेश, धर्मेंद्र कुमार सिंह, लालता प्रसाद उर्फ गुड्डू, अनुज कुमार पाल, शिव प्रकाश पटेल, मनोज कुमार, चंदर, दीपक पटेल तथा अभ्यर्थी विपिन कुमार वर्मा और धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया।
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पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का संचालन प्रयागराज से शिवजीत पटेल और उसका भाई कप्तान सिंह पटेल कर रहे थे। परीक्षा शुरू होते ही राजेंद्र यादव उर्फ धीरेंद्र यादव प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था। इसके बाद प्रयागराज में बैठे सॉल्वर प्रश्न हल कर मोबाइल फोन और कान में लगाए गए माइक्रो डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाते थे। परीक्षा केंद्रों के बाहर गिरोह के सदस्य निगरानी करते थे।
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जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से चार से पांच लाख रुपये तक वसूलता था। गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने लाखों रुपये देने की बात स्वीकार की है। कार्रवाई के दौरान गिरोह के दो मुख्य आरोपी शिवजीत पटेल और राजेंद्र यादव उर्फ धीरेंद्र यादव फरार हो गए। एसटीएफ उनकी तलाश में जुटी है।

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