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UP: ओपी राजभर बोले- हत्या पर चुप्पी और एनकाउंटर पर सवाल क्यों? पीडीए 'अब पीट देगा अहिर' की राजनीति बनकर रह गया

डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 01 Jun 2026 06:49 PM IST
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सार

Om Prakash Rajbhar ने सूर्या चौहान हत्याकांड और आरोपी के एनकाउंटर को लेकर Akhilesh Yadav पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना नहीं जताई, जबकि एनकाउंटर पर सवाल उठाए। राजभर ने पीडीए राजनीति और विपक्ष के रुख की भी आलोचना की।

UP: OP Rajbhar Asks—Why Silence on Murders, Yet Questions on Encounters? PDA Has Been Reduced to the Politics
ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या और उसके बाद हुए पुलिस एनकाउंटर को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर सपा नेतृत्व पर पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनहीन होने का आरोप लगाया।



राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि अपने प्रवक्ताओं को इंसानियत का पाठ पढ़ाइए। सूर्या चौहान की हत्या के बाद सपा की ओर से कोई संवेदना व्यक्त नहीं की गई, लेकिन आरोपी के एनकाउंटर के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने लगे। उन्होंने पूछा कि आखिर विपक्ष किस तरह की कानून-व्यवस्था चाहता है।
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मंत्री ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले पर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह अब पीट देगा अहिर की राजनीति बनकर रह गया है। राजभर ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण विपक्ष कुछ घटनाओं पर मुखर रहता है, जबकि दूसरी घटनाओं पर चुप्पी साध लेता है। उन्होंने कहा कि सूर्या चौहान के परिवार के प्रति अखिलेश यादव की ओर से अब तक संवेदना के दो शब्द भी नहीं आए हैं। राजभर ने बहुजन समाज से भी ऐसे मुद्दों पर नेताओं के रुख को ध्यान से देखने की अपील की।

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भूमिका सिर्फ चुनावी भीड़ जुटाने तक सीमित

कुछ दिन पहले भी राजभर ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी में गैर-यादव पिछड़ों और दलितों की भूमिका सिर्फ चुनावी भीड़ जुटाने तक सीमित कर दी गई है। बहुजन समाज के लोगों को सपा में “झंडा-झोला ढोने, दरी बिछाने और वोट देने” का काम सौंपा गया है, जबकि सत्ता, सम्मान और हिस्सेदारी का असली लाभ एक खास वर्ग तक ही सीमित रहता है।  अमेठी की घटना ने सपा के भीतर की सच्चाई उजागर कर दी है। एक महिला विधायक और उनके परिवार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और धमकी की घटना के बाद भी पार्टी नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। 

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