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यूपी: ओपी राजभर ने छोड़ा नया शिगूफा, अगर पूर्वांचल अलग राज्य बना राजभर समाज से ही होगा मुख्यमंत्री
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 08 Mar 2026 08:45 PM IST
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सार
OP Rajbhar: योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने कहा है कि यदि यूपी में अलग पूर्वांचल राज्य बनता है तो उसका सीएम राजभर समाज से होगा।
मंत्री ओपी राजभर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पिपरी गांव स्थित बाबा दुखहरण जी मंदिर परिसर में आयोजित समरसता रैली में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पिछड़े समाज की एकता, शिक्षा और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। कहा कि यदि पूर्वांचल राज्य का गठन होता है तो मुख्यमंत्री राजभर समाज से होगा। लोगों से कहा कि कलम की ताकत को पहचानें, कलम बनें और कलम की ढक्कन न बनें। विधानसभा और लोकसभा में पढ़ी-लिखी पिछड़े समाज की महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रस्ताव पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पिछड़े समाज की बेटियों को मुफ्त शिक्षा दिलाने के लिए सरकार से बातचीत की जाएगी, ताकि वे पढ़-लिखकर समाज और देश के विकास में योगदान दे सकें। वर्ष 2024 में उन्होंने संविधान का हवाला देकर चुनाव जीता है और संविधान के प्रावधानों को लागू कराने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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32 वर्षों से वंचितों के लिए लड़ रहा हूं लड़ाई
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वह पिछले 32 वर्षों से गरीबों और वंचितों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा छह, सात और आठ के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरत पड़ने पर राजनीति करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजी मियां का मेला बंद कराकर महाराजा सुहेलदेव के नाम से मेला आयोजित कराने की पहल की है। आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि 1993 में पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण मिला, लेकिन 32 वर्षों में उन्हें उनका पूरा अधिकार नहीं मिल पाया।