UP: पढ़ाई के साथ रोजगार की तैयारी, प्रदेश के 1701 स्कूलों में नए सत्र से स्किल बेस्ड एजुकेशन; जानें नई स्कीम
प्रदेश के 1701 माध्यमिक विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र से व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी। कक्षा नौ के विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे। पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, रिटेल और सौंदर्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा। उद्योग भ्रमण और विशेषज्ञ व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के 1701 माध्यमिक विद्यालयों में नए सत्र 2026-27 से व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी। इसका उद्देश्य युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार व स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा नौ से छात्रों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसमें 731 राजकीय और 970 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं। हर विद्यालय में दो-दो ट्रेड की पढ़ाई और प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को ट्रेड आवंटित कर दिए हैं। व्यावसायिक प्रशिक्षक और व्यावसायिक समन्वयक की तैनाती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कक्षा नौ में कम से कम 25 छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित करने को कहा है।
विद्यालयों की समय सारिणी में व्यावसायिक विषयों के व्याख्यान निर्धारित होंगे। पंडित सुंदर लाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल प्रशिक्षक उपलब्ध कराएगा। कुल 3402 प्रशिक्षक तैनात होंगे, जिन्हें 15 हजार रुपये प्रति माह अधिकतम दस महीने मिलेंगे।
व्यावसायिक समन्वयक को 20 हजार रुपये प्रति माह 11 महीने तक दिए जाएंगे। एक वोकेशनल ट्रेनर अधिकतम एक विद्यालय में व्याख्यान देगा। एक ट्रेनर को एक से अधिक विद्यालय में एक से अधिक ट्रेड के लिए अनुबंधित नहीं किया गया है।
इन क्षेत्रों की पढ़ाई व प्रशिक्षण
योजना के तहत पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, आईटी, बीएफएसआई, मैनेजमेंट एंड इंटरप्रेन्योरशिप व प्रोफेशनल स्किल, एग्रीकल्चर, ब्यूटी एंड वेलनेस आदि प्रमुख क्षेत्र हैं। इनमें फूड एंड बेवरेज सर्विस असिस्टेंट, रिटेल स्टोर ऑपरेशन असिस्टेंट, डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, माइक्रोफाइनेंस एक्जीक्यूटिव, ऑफिस असिस्टेंट, सोलैनेशियस क्रॉप कल्टीवेटर, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट आदि जॉब रोल शामिल हैं।
उद्योगों का भ्रमण भी कराएंगे
चयनित व्यावसायिक प्रशिक्षण भागीदार को उद्योगों के भ्रमण और गेस्ट लेक्चर के लिए अलग से बजट मिलेगा। उद्योगों के भ्रमण से युवाओं को वास्तविक व व्यावहारिक जानकारी मिल सकेगी। छात्रों की अलग से उपस्थिति पंजिका बनेगी, जिसकी जांच प्रधानाचार्य करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक भी ट्रेडों के संचालन और पढ़ाई का मासिक निरीक्षण करेंगे।