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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: State government's gift to unfunded teachers, 300,000 teachers to get cashless treatment

यूपी: प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों को प्रदेश सरकार का तोहफा, तीन लाख शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज

Thu, 13 Aug 2026 09:31 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 13 Aug 2026 09:31 PM IST
सार

Teachers in UP: यूपी के राजकीय और एडेड माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा के दायरे में लाया जाएगा। 

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UP: State government's gift to unfunded teachers, 300,000 teachers to get cashless treatment
योगी सरकार का फैसला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों के बाद 35 हजार से अधिक वित्तविहीन विद्यालयों के लगभग तीन लाख से अधिक शिक्षकों व उनके आश्रितों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने यहां के शिक्षकों को योजना में लाभांवित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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शासन की ओर से जारी निर्देश के क्रम में बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सभी बीएसए को पत्र भेजकर वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को उक्त योजना से लाभांवित करने के लिए निर्धारित प्रारूप पर आवश्यक जानकारी सत्यापित कर एक सप्ताह में निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा है।
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उन्होंने कहा है कि सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में वित्तविहीन विद्यालयों के कार्यरत शिक्षकों को लाभांवित करने का शासनादेश जारी किया गया है। इसके लिए निर्धारित पोर्टल पर शिक्षकों का पंजीकरण करना होगा। शिक्षकों द्वारा अपने साथ अपने आश्रितों का पोर्टल पर आधार कार्ड के अनुसार विवरण दर्ज करना होगा। आवेदन का सत्यापन व अनुमोदन संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को आगे बढ़ाएंगे।
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प्रधानाध्यापक शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने व निरंतर कार्यरत होने का परीक्षण के बाद आवेदन बीईओ को सत्यापन व अनुमोदन के लिए भेजेंगे। संबंधित शिक्षक के किसी कारण से विद्यालय से अलग होने की स्थिति में प्रधानाध्यापक बीईओ के माध्यम से बीएसए को अवगत कराएंगे, ताकि उन्हें इस योजना से अलग किया जा सके। बीईओ के बाद बीएसए इसका अनुमोदन करेंगे।


बीएसए के सत्यापन पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी होगी। इससे पहले निर्धारित प्रोफार्मा पर बीईओ, स्कूल, यूडायस कोड, प्रधानाचार्य का नाम, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी निर्धारित प्रोफार्मा पर उपलब्ध कराने को कहा है।
 

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