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UP: आउटसोर्सिंग की भर्तियों की जांच कराएगा समाज कल्याण विभाग, घपला सामने आने पर लिया गया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Sat, 10 Jan 2026 09:36 AM IST
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सार
अभ्युदय कोचिंग में अयोग्य कोर्स कोआर्डिनेटरों की भर्ती उजागर होने के बाद समाज कल्याण विभाग ने आउटसोर्सिंग पर नियुक्त 460 कर्मचारियों की भर्ती की जांच कराने का निर्णय लिया है।
सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग पर रखे गए 460 कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की भी जांच होगी। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित अभ्युदय कोचिंग में अयोग्य कोर्स कोआर्डिनेटरों की भर्ती का मामला पकड़ में आने के बाद यह फैसला किया गया है। विभाग की ओर से जांच के लिए पत्र जारी कर दिया गया है।
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ये भर्तियां आश्रम पद्धति स्कूलों, अभ्युदय कोचिंग और छात्रवृत्ति योजना के साथ ही मंडलीय कार्यालयों में की गई हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि पदों पर भर्ती के लिए जो अर्हता निर्धारित थी, उसके अनुसार ही चयन किया गया या नहीं। पद पर भर्ती के लिए जो प्रक्रिया तय की गई थी, उसका पालन किया गया या नहीं।
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कंप्यूटर ऑपरेटर के 300 पदों, मल्टी टॉस्क सर्विसेज (एमटीएस) के 150 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों और 10 कंप्यूटर प्रोग्रामर रखे गए थे। कंप्यूटर ऑपरेटर को 18 हजार रुपये प्रति महीने मानदेय, कंप्यूटर प्रोग्रामर को 60 हजार रुपये तक मासिक मानदेय और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 10 हजार रुपये तक मासिक मानदेय दिया जा aरहा है।