UP: सेवा सुरक्षा बहाली पर सरकार को अल्टीमेटम, बहाली न होने पर सड़क पर उतरेंगे शिक्षक; दिखाया शक्ति प्रदर्शन
लखनऊ में शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा बहाली की मांग को लेकर ईको गार्डन में शक्ति प्रदर्शन किया। सरकार को 20 दिन का अल्टीमेटम दिया गया। शिक्षा सेवा चयन अधिनियम में धारा 12,18,21 बहाल करने, एडेड विद्यालयों के राजकीयकरण और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
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राजधानी के ईको गार्डन धरना स्थल पर सोमवार को प्रदेश भर के शिक्षकों ने शक्ति प्रदर्शन किया। शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की बहाली पर सरकार को अल्टीमेटम दिया। 20 दिन के अंदर सेवा सुरक्षा बहाली न होने पर शिक्षक सड़क पर उतरेंगे और कलमबंद हड़ताल देंगे।
माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के आह्वाहन पर प्रदेशभर के शिक्षक एजकुट हुए। ईको गार्डन धरना स्थल पर सुबह से शिक्षकों को जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। दोपहर बाद मुख्यमंत्री आवास से शिक्षक प्रतिनिधियों का बुलावा आया।
इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात अधिकारियों ने शिक्षकों को आश्वासन दिया। 20 से 25 दिन के अंदर सेवा सुरक्षा की धारा 21,18 और 12 को बहाल करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 में शामिल किया जाएगा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने बताया कि एडेड माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक शिक्षकों पर उत्पीड़न करते हैं। विरोध करने पर बिना जांच के नौकरी से निकालने के साथ ही कार्रवाई की बात करते हैं। सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 से पहले प्रबंधक के पास ऐसा अधिकार नहीं था लेकिन सरकार ने यह अधिकार देकर शिक्षकों के हक को मार दिया है।
एडेड विद्यालयों की राजकीयकरण की भी उठाई मांग
यूपी माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को 25 सूत्रीय मांग पर ज्ञापन सौंपा गया। इनमें एडेड माध्यमिक विद्यालयों की राजकीयकरण की मांग की गई है।
यूपी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की पदोन्नति की धारा-12, कार्यवाहक प्रधानाचार्य को तदर्थ ग्रेड प्रदान करने की धारा-18 और शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की धारा-21 को बहाल करने की मांग की गई है। वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का डाटा मानव संपदा पोर्टल पर फीड करने की मांग की गई है।
हर विद्यालय में लैब व कंप्यूटर शिक्षक की हो नियुक्ति
शिक्षकों ने मांग की है कि सहायक अध्यापक का पदनाम सहायक प्रवक्ता किया जाए। वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाए। रिक्त पदों पर प्रधानाचार्यों की नियुक्ति हो। जीपीएफ का लेखा जोखा ऑनलाइन हो।
गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी न लगाई जाए। प्रत्येक विद्यालय में लैब व कंप्यूटर शिक्षक की नियुक्ति हो। माहवारी के समय शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश मिले। सीबीएसई की तरह पारिश्रमिक दरों का भुगतान हो। विद्यालयों में प्रत्येक माह के द्वितीय व चर्तुथ शनिवार को अवकाश हो।