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गुजरात के रण में यूपी के दिग्गजों ने दिखाया दम : 2017 में हारी हुई सीटों पर यूपी के रणनीतिकारों ने पलटी बाजी
Thu, 08 Dec 2022 07:31 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 08 Dec 2022 07:31 PM IST
सार
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने गुजरात चुनाव के लिए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को कच्छ, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर को महिसागर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह को राजकोट में प्रभारी लगाया था।
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स्वतंत्र देव सिंह।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की रिकार्ड जीत में यूपी भाजपा के दिग्गज नेताओं ने भी अपना दमखम दिखाया। गुजरात में चुनाव प्रभारी के तौर पर तैनात किए गए योगी सरकार के मंत्रियों और पार्टी के नेताओं ने करीब एक महीने क्षेत्र में राजनीतिक कौशल दिखाते हुए 2017 में भाजपा की हारी हुई सीटों पर इस बार बाजी पलट दी। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।
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भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने गुजरात चुनाव के लिए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को कच्छ, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर को महिसागर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह को राजकोट में प्रभारी लगाया था। वहीं राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी को जूनागढ़, विजयपाल सिंह तोमर को सोमनाथ और पूर्व मंत्री सुरेश राणा को द्वारिका, जामनगर, पोरबंदर जिले की छह सीटों की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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स्वतंत्र देव सिंह को कच्छ की अबडासा, मांडवी, भुज, अंजर, गांधीधाम और रापर सीट का प्रभारी बनाया था। 2017 में अबडासा और रापर कांग्रेस के पास थी, जबकि शेष चार सीटें भाजपा के पास ही थी। 2022 में सभी छह सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है।
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सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर को महिसागर जिले की बालासिनोर, लुनावाड़ा और संतरामपुर सीट पर प्रभारी बनाया था। 2017 में बालासिनोर सीट पर कांग्रेस, लुनावाड़ा में निर्दल और संतरामपुर में भाजपा जीती थी। इस बार चुनाव में बालासिनोर और संतरामपुर भाजपा ने जीती है जबकि लुनावाड़ा में कांग्रेस जीती है।
परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह के पास राजकोट जिले की राजकोट ग्राम्य, जसदण, गोंडल, जैतपुर और धोराजी सीट की कमान थी। 2017 में जसदण, धोराजी कांग्रेस के पास थी। जबकि शेष तीन सीटें भाजपा ने जीती थी। इस बार सभी पांच सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है।
राज्यसभा सदस्य एवं मुख्य सचेतक लक्ष्मीकांत बाजपेयी को जूनागढ़ का प्रभारी बनाया गया था। 2017 में जूनागढ़ की माणावदर सीट कांग्रेस के पास थी। जूनागढ़, विसावदर, मांगरोल और केशोद सीट भाजपा के पास थी। इस बार माणावदर फिर कांग्रेस के पास रही है। विसावदर में आम आदमी पार्टी ने चुनाव जीता है। जूनागढ़, मांगरोल और केशोर सीट पर भाजपा ने कब्जा बरकरार रखा है।
राज्यसभा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर को सोमनाथ जिले का प्रभारी बनाया था। सोमनाथ, तलाला, कोडिनार और उना सीट पहले कांग्रेस के पास थी। इस बार सोमनाथ में कांग्रेस ने फिर कब्जा जमाया है। जबकि शेष तीन सीटें भाजपा ने कांग्रेस से छीन ली है।
पूर्व मंत्री सुरेश राणा को द्वारिका, पोरबंदर और जामनगर जिले की कमान सौंपी गई थी। द्वारिका सीट पर भाजपा ने फिर जीत दर्ज की है। खंबालिया भाजपा के मुलू भाई ने आप के सीएम दावेदार यशोदान गढ़वी को चुनाव हराया है। पोरबंदर में कांग्रेस ने फिर जीत दर्ज की है। कुथियाना में समाजवादी पार्टी के खाता खुला है। जामनगर उत्तर और दक्षिण सीट भाजपा ने जीती है।
एक हजार से अधिक कार्यकर्ता गए थे गुजरात
गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए एक हजार से अधिक कार्यकर्ता गुजरात गए थे। प्रदेश महामंत्री लोधी को इसके लिए समन्वयक नियुक्त किया गया था। प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यष ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, विधायक शलभमणि त्रिपाठी भी प्रचार के लिए गए थे। अंकुश त्रिपाठी को मीडिया प्रबंधन के लिए तैनात किया गया। उल्लेखनीय है कि गुजरात भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन रत्नाकर भी यूपी के ही मूल निवासी है।