सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Yogi Says—"Someone driving a ₹2.5 crore car stole a ₹45 flower pot belonging to the Municipal Corporation;

UP: योगी बोले- ढाई करोड़ की कार से चलने वाला नगर निगम का 45 रुपये का गमला चुराकर ले गया, ये चोरी का नया मॉडल

डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 26 May 2026 04:35 PM IST
विज्ञापन
सार

मुख्यमंत्री ने नगर निगम कार्यक्रम में सरकारी संपत्ति की चोरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महंगी कारों से आने वाले लोग भी सार्वजनिक स्थानों से गमले चुरा रहे हैं। सीसीटीवी में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताते हुए नागरिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

UP: Yogi Says—"Someone driving a ₹2.5 crore car stole a ₹45 flower pot belonging to the Municipal Corporation;
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार

सीएम योगी ने लखनऊ नगर निगम के एक समारोह में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहु्ंचाने वालों पर तंज कसा। उन्होंने कहा, ढाई करोड़ की कार में चलने वाले नगर निगम का 45 रुपये का गमला चुराकर ले जाते हैं। सीसीटीवी कैमरे से इस तरह की चोरी की घटना देखी।

Trending Videos


हम गमला लगाते हैं, तो कोई कार से आता है और गमला उठाकर ले जाता है। जितना कार का तेल लग रहा है, उतने में नया गमला ले सकते हो। ये चोरी का नया मॉडल है। अब हर जगह सीसीटीवी लगे हैं, हम उससे देखते रहते हैं। पता लगता है कि ढाई करोड़ की कार से 45 रुपए के गमले चुरा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


45 रुपए के गमले खरीदकर आप घर में लगा सकते थे। आपका सम्मान भी रहता और शहर भी अच्छा दिखता। एक बार तो मेरे मन में आया था कि गमला चोरी करने वालों की फोटो चौराहे पर लगवाऊं, क्योंकि जो पैसा हम खर्च कर रहे हैं, वह जनता का है। यह न तो हमारा है, न वित्त मंत्री खन्नाजी का और न ही ऊर्जा मंत्री शर्माजी का।’
विज्ञापन


UP: Yogi Says—"Someone driving a ₹2.5 crore car stole a ₹45 flower pot belonging to the Municipal Corporation;
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों का आभार जताते हुए कहा कि जनता ने पहली बार सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीट भाजपा की झोली में डालीं। सभी नगर निगमों में भाजपा का बोर्ड बना। इसका परिणाम रहा कि नगर निगम ने 3 वर्ष में कुछ प्रतिमान भी स्थापित किए, विकास व स्वच्छता का मॉडल दिया।

हमें पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने, भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में समय भी लगा। विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है। इसे मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं दे रहे, बल्कि केवल उसका उचित नियोजन कर रहे हैं। जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगा। यही पीएम मोदी जी का विजन है, प्रेरणा है।

स्वच्छता हर नागरिक की जिम्मेदारी 

सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ नगर निगम को देश में तीसरा स्थान मिला, इसे पहले स्थान पर लाना है। यह केवल महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। घर का कूड़ा कूड़ेदान में ही फेंकें, गीला-सूखा कूड़ा अलग करें।

सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें। नालियों में कूड़ा न फेंकें और सरकारी संपत्तियों का नुकसान भी न करें। लोग कहते हैं कि लखनऊ बहुत साफ-सुथरा है, जब सरकार की कार्यपद्धति साफ-सुथरी होती है तो ऐसा ही होता है।

मंत्री, महापौर, पार्षद, पूरी कार्यकारिणी, अधिकारी, सुपरवाइजर तथा सफाई कर्मचारी, सब जुटते हैं तो स्वच्छता दिखाई देती है। सीएम ने ढाई करोड़ की कार से आकर गमला चोरी करने वालों पर कटाक्ष किया और कहा कि सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। 45 रुपये का गमला खरीद लेते तो सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता।

 

UP: Yogi Says—"Someone driving a ₹2.5 crore car stole a ₹45 flower pot belonging to the Municipal Corporation;
संबोधित करते सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला

नकारात्मक राजनीति करने वालों को दिया जवाब

सीएम ने लखनऊ को प्रदेश का सबसे बड़ा महानगर व नगर निगम बताते हुए कहा कि जितना बड़ा दायित्व होगा, उतनी बड़ी चुनौतियां भी होंगी, लेकिन लखनऊ व प्रदेश चुनौतियों का बखूबी सामना कर रहा है।

सीएम ने नकारात्मक राजनीति करने और सकारात्मक पहल पर अंगुली उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि तीन वर्ष में नगर निगम, 9 वर्ष में प्रदेश और 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के कार्यक्रम नए प्रतिमान से बढ़ाए गए।

नगर निकाय, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा सरकार ने कुछ नया करके दिखाया है। हमारे शहर ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दृष्टि से स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित हैं। लखनऊ नगर निगम ने गत वर्ष 200 करोड़ से अधिक का बांड जारी किया था, जबकि 2017 के पहले यहां के बांड की कीमत 25 करोड़ भी नहीं थी। 

देश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता 

सीएम योगी ने कहा कि ऊर्जा संकट वैश्विक बन चुका है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण सप्लाई लाइन बाधित हुई है। दुनिया के तमाम क्षेत्रों में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। जिस अमेरिका के पास अपने ऊर्जा के क्षेत्र हैं, वहां पेट्रोलियम पदार्थ के दाम दोगुने से अधिक हुए हैं।

महंगाई चरम पर है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में लगातार इसे नियंत्रित किया गया है। पेट्रोलियम उत्पादों के दाम दुनिया में बढ़ेंगे, सप्लाई चेन बाधित होगी तो उसका असर यहां भी पड़ेगा, लेकिन संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय देश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता का पर्याय है।

जरूरत के अनुसार ही करें बिजली की खपत

सीएम योगी ने कहा कि गर्मी एकाएक बढ़ने से तमाम थर्मल पावर प्लांट ने अचानक शटडाउन ले लिया। उत्पादन पर असर पड़ा। 2017 तक यूपी में पीक पावर की सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट रहती थी, आज यह 32-33 हजार मेगावाट पहुंच गई है।

उस समय 6 हजार मेगावाट उत्पादन था, जबकि आज 13 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। रिन्युवल एनर्जी का उत्पादन लगभग 10 हजार मेगावाट तक बढ़ा है, लेकिन हमारी आवश्यकता 33-35 हजार मेगावाट है। एलपीजी संकट को देखते हुए लोग खाना पकाने में इलेक्ट्रिक हीटर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। देश की समस्या हर किसी की समस्या है। किसी के बहकावे में न आएं। जितनी आवश्यकता है, उतनी ही बिजली खपत करें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed