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UP: चौकी पर युवक की पिटाई, कान का पर्दा फटा, दो सिपाहियों के वेतन से कटेंगे 20 हजार; जानें मामला
Tue, 11 Aug 2026 07:18 PM IST
Akash Dwivedi
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:18 PM IST
सार
गोरखपुर में पुलिस चौकी पर युवक की पिटाई और कान का पर्दा फटने के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने दो सिपाहियों को दोषी माना है। आयोग ने दोनों के वेतन से 10-10 हजार रुपये काटकर पीड़ित को देने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
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विस्तार
पुलिस चौकी पर युवक की पिटाई करने और उसके कान का पर्दा फाड़ने के मामले में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने दो सिपाहियों को दोषी माना है। आयोग ने दोनों के वेतन से 10-10 हजार रुपये काटकर पीड़ित को कुल 20 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। एसएसपी गोरखपुर को 24 सितंबर तक आदेश के पालन की रिपोर्ट आयोग में देनी होगी।
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गोरखपुर के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के पौहरिया गांव निवासी कन्हैया यादव ने आयोग में शिकायत की थी कि 15 नवंबर 2025 को पुलिस चौकी पटना के सिपाही सुरेश यादव और सतीश यादव उसके घर पहुंचे। दोनों उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर चौकी ले गए।
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आरोप है कि वहां दोनों ने उसे थप्पड़ मारे और प्लास्टिक की पाइप व पट्टे से पीटा। इससे उसके बाएं कान का पर्दा फट गया और खून निकलने लगा। सिपाहियों ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। कन्हैया ने उसी दिन बरहज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया। इसके बाद गोरखपुर के राजदीप अस्पताल में ईएनटी डॉक्टर ने 18 नवंबर को जांच की।
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डॉक्टर ने पर्चे में तीन दिन पहले थप्पड़ लगने से कान में चोट लगने की बात लिखी थी। आयोग के आदेश पर एसएसपी ने मामले की जांच कराई। जांच में सामने आया कि भूमि विवाद की शिकायत पर कन्हैया को चौकी लाया गया था। सिपाही सुरेश यादव ने भी माना कि कन्हैया के उग्र होने पर उसने और सतीश यादव ने उसे दो-चार थप्पड़ मारे थे। मेडिकल रिपोर्ट से भी कान में चोट लगने की पुष्टि हुई।
जांच में दोनों सिपाहियों को जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया। एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को परिनिंदा का दंड दिया। इसके बाद आयोग के सदस्य बृजभूषण ने 28 जुलाई 2026 को मामले की सुनवाई की। उन्होंने माना कि घटना में कन्हैया के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। आयोग ने दोनों सिपाहियों के वेतन से 10-10 हजार रुपये काटकर कन्हैया को देने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।