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आज भी दिल में बसी है वजीर हसन रोड : अभिनेत्री नादिरा
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अभिनेत्री नादिरा बब्बर और मशहूर निर्देशक जावेद सिद्दीकी को दिया गया अवाॅर्ड। -संवाद
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लखनऊ। नाट्य संस्था बफ्टा के तीन दिवसीय नाट्य उत्सव के अंतिम दिन रंगमंच की मशहूर अभिनेत्री नादिरा बब्बर ने कहा कि मैं लखनऊ को कभी नहीं भूल सकती, यहां की वजीर हसन रोड तो आज तक मेरे दिल में बसी है। लखनऊ से अपने गहरे रिश्ते पर बात करते हुए उन्होेंने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी के 21 अहम साल यहीं गुजारे।
अंग्रेजों के जमाने में चीफ जस्टिस रहे मेरे दादा वजीर हसन के नाम पर आज भी यहां एक सड़क हमारी पहचान है। बफ्टा की ओर से रविवार को संगीत नाटक अकादमी में हुए समारोह में नादिरा बब्बर और मशहूर लेखक जावेद सिद्दीकी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड द थेस्पीयन से नवाजा गया।
जावेद सिद्दीकी ने भी नादिरा के साथ पुरानी यादें साझा कीं और कहा कि मेरा एक मशहूर नाटक था बेगमजहां जिसे केवल नादिरा ही निभा सकती थीं। इससे पहले रंगमंच के पुरोधा इब्राहिम अलकाजी और बादल सरकार की जन्मशताब्दी का जश्न मनाया गया।
दोनों हस्तियों पर विशेष परिचर्चा हुई। इसमें वरिष्ठ नाटककार एवं निर्देशक सलीम आरिफ, बफ्टा के संस्थापक तारिक खान, अनिल रंजन भौमिक, डॉक्टर विधु खरे दास ने अपनी बात रखी। इब्राहिम अल्काजी की शिष्या नादिरा बब्बर ने भी हिस्सा लिया। शुभम तिवारी और प्रतीक महंत मॉडरेटर रहे। वरिष्ठ रंग निर्देशक सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ, ललित सिंह पोखरिया, वेदा राकेश, मृदुला भारद्वाज, भारतेंदु कश्यप और पूजा प्रसाद आदि की मौजूदगी रही।
नाट्य समारोह के अंतिम दिन युवा निर्देशक शुभम तिवारी के निर्देशन और विनीता मिश्रा व पल्लवी राज के अभिनय से सजी संगीतमय दास्तान धनुष यज्ञ का मंचन दास्तानगोई अंदाज में किया गया। मुंबई के कलाकार तारिक हमीद का कॉमिक प्ले मरहूम की याद में... ने दर्शकों को खूब हंसाया।
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जावेद सिद्दीकी ने भी नादिरा के साथ पुरानी यादें साझा कीं और कहा कि मेरा एक मशहूर नाटक था बेगमजहां जिसे केवल नादिरा ही निभा सकती थीं। इससे पहले रंगमंच के पुरोधा इब्राहिम अलकाजी और बादल सरकार की जन्मशताब्दी का जश्न मनाया गया।
दोनों हस्तियों पर विशेष परिचर्चा हुई। इसमें वरिष्ठ नाटककार एवं निर्देशक सलीम आरिफ, बफ्टा के संस्थापक तारिक खान, अनिल रंजन भौमिक, डॉक्टर विधु खरे दास ने अपनी बात रखी। इब्राहिम अल्काजी की शिष्या नादिरा बब्बर ने भी हिस्सा लिया। शुभम तिवारी और प्रतीक महंत मॉडरेटर रहे। वरिष्ठ रंग निर्देशक सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ, ललित सिंह पोखरिया, वेदा राकेश, मृदुला भारद्वाज, भारतेंदु कश्यप और पूजा प्रसाद आदि की मौजूदगी रही।
नाट्य समारोह के अंतिम दिन युवा निर्देशक शुभम तिवारी के निर्देशन और विनीता मिश्रा व पल्लवी राज के अभिनय से सजी संगीतमय दास्तान धनुष यज्ञ का मंचन दास्तानगोई अंदाज में किया गया। मुंबई के कलाकार तारिक हमीद का कॉमिक प्ले मरहूम की याद में... ने दर्शकों को खूब हंसाया।

अभिनेत्री नादिरा बब्बर और मशहूर निर्देशक जावेद सिद्दीकी को दिया गया अवाॅर्ड। -संवाद

अभिनेत्री नादिरा बब्बर और मशहूर निर्देशक जावेद सिद्दीकी को दिया गया अवाॅर्ड। -संवाद

अभिनेत्री नादिरा बब्बर और मशहूर निर्देशक जावेद सिद्दीकी को दिया गया अवाॅर्ड। -संवाद

अभिनेत्री नादिरा बब्बर और मशहूर निर्देशक जावेद सिद्दीकी को दिया गया अवाॅर्ड। -संवाद

अभिनेत्री नादिरा बब्बर और मशहूर निर्देशक जावेद सिद्दीकी को दिया गया अवाॅर्ड। -संवाद

अभिनेत्री नादिरा बब्बर और मशहूर निर्देशक जावेद सिद्दीकी को दिया गया अवाॅर्ड। -संवाद