सुना है क्या: 'बाहुबलियों की जुगलबंदी' की कहानी, साथ ही लीकेज की समस्या व खुफिया प्रमुख का सपना टूटा के किस्से
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
विस्तार
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'बाहुबलियों की जुगलबंदी से विरोधी परेशान' की कहानी। इसके अलावा 'लीकेज की समस्या' और 'खुफिया प्रमुख बनने का टूटा सपना' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...
बाहुबलियों की जुगलबंदी से विरोधी परेशान
सूबे के बाहुबलियों में शुमार दो पूर्व सांसद आजकल अपनी गलबहियों को लेकर चर्चा में हैं। दोनों की जुगलबंदी ने उनके विरोधियों की नींद उड़ा दी है। इनमें से एक तो हाल ही में अपने कारनामों से सुर्खियों में आए तो दूसरे ने उनको सहारा देने के लिए अपना कंधा आगे कर दिया। अब उनकी मुलाकातें नए सियासी समीकरण बनने के संकेत दे रही हैं। दरअसल, दोनों अपनी सियासी पारी को आगे बढ़ाने की जुगत में हैं, लेकिन कोई भी बड़ा दल इसके लिए तैयार नहीं है। लिहाजा अब मुलाकातों के जरिए अपनी ताकत दिखाई जा रही है। अब देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता और यह दोस्ती कब तक बरकरार रहती है।
लीकेज की समस्या
नेताजी के सामने बड़ी मुश्किल है। जो भी गोपनीय योजना बनाते हैं, लीक हो जाती है। किस पर शक किया जाए। योजनाएं लीक करने वालो की खैर-खबर लेने के लिए कई तरीके अपनाए, लेकिन कोई कारगर साबित नहीं हुआ। अब तो नेताजी को लगने लगा है कि उनके साथ सुरक्षा कर्मी ही ऐसे लगाए गए हैं जो पल-पल की खबरें इधर से उधर कर रहे हैं। इसका तो कोई तोड़ भी उन्हें समझ नहीं आ रहा है। इसलिए अब वे कुछ सीनियर और अनुभवी नेताओं की शरण में हैं।
खुफिया प्रमुख बनने का टूटा सपना
प्रदेश के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का सपना दिनों दिन टूट रहा है या ये कहें कि सपना अब अधूरा ही रहेगा। दरअसल साहब की चाह थी खुफिया प्रमुख बनने की। हर तरफ से प्रयास किए और साथ देने वालों ने भी हर संभव मदद की। लेकिन, एक खेमा ऐसा है जो इसके विरोध में है। वह भारी भी पड़ रहा है। यही वजह है कि साहब का सपना अब पूरा न हो पाएगा।