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Agar Malwa News: नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर में बढ़ीं चोरी और ठगी की घटनाएं, ऑनलाइन ठग बना रहे आस्था को हथियार
Mon, 13 Jul 2026 12:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 12:05 PM IST
सार
आगर मालवा के विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दान संग्रह विवाद के बीच अब श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। मंदिर परिसर में महिलाओं के जेवर चोरी और सोशल मीडिया पर हवन-पूजन के नाम पर ठगी के मामले सामने आने से श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है।
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मां बगलामुखी मंदिर। फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आगर मालवा में विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर इन दिनों केवल दान संग्रह के विवाद को लेकर ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवालों के घेरे में है। मंदिर परिसर में अशासकीय समिति द्वारा रजत सौंदर्यीकरण के नाम पर दान संग्रह की जांच के बीच अब महिलाओं के जेवर चोरी और सोशल मीडिया के जरिए हवन-पूजन के नाम पर हो रही ठगी के मामले भी सामने आने लगे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर मंदिर में आने वाले श्रद्धालु कितने सुरक्षित हैं।
मंदिर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेषकर चैत्र और शारदीय नवरात्र में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। पिछले एक वर्ष में ऐसी करीब एक दर्जन शिकायतें सामने आई हैं। अधिकांश पीड़ित बाहर के जिलों और राज्यों से आने वाले श्रद्धालु होते हैं, जो शिकायत दर्ज कराने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया में नहीं पड़ते।
चप्पल चोरी का मामला भी बना था चर्चा का विषय
मार्च माह में मंदिर पहुंचे बड़ागांव के नायब तहसीलदार वरुण चंद्रवंशी की चप्पल चोरी हो गई थी। उन्होंने इस मामले में पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। घटना के बाद लोगों के बीच यह चर्चा रही कि श्रद्धालुओं के कीमती जेवर चोरी होने की घटनाओं पर जितनी गंभीरता नहीं दिखाई गई, उससे अधिक चर्चा एक अधिकारी की चप्पल चोरी पर हुई।
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ऑनलाइन ठग बना रहे आस्था को हथियार
मंदिर के नाम और तस्वीरों का उपयोग कर फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी संचालित की जा रही हैं। इन प्लेटफॉर्मों पर गारंटी से मिर्ची हवन, वशीकरण, सरकारी नौकरी में सफलता और विशेष तांत्रिक अनुष्ठान जैसे दावे कर श्रद्धालुओं से मोटी रकम वसूली जा रही है। जबकि मंदिर प्रबंधन स्पष्ट कर चुका है कि मंदिर परिसर में मिर्ची हवन पूरी तरह प्रतिबंधित है और इस प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं से मंदिर का कोई संबंध नहीं है।
पुलिस को पत्र, कार्रवाई का इंतजार
मंदिर प्रबंध समिति ने जून माह में आगर मालवा पुलिस अधीक्षक और नलखेड़ा थाना प्रभारी को पत्र भेजकर सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी आईडी बंद कराने तथा श्रद्धालुओं से हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने की मांग की थी। हालांकि अब तक किसी बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
समिति ने किया था आगाह
मंदिर प्रबंध समिति ने अपने पत्र में उल्लेख किया था कि सोशल मीडिया पर मां बगलामुखी मंदिर की धार्मिक पहचान का दुरुपयोग कर श्रद्धालुओं को भ्रमित किया जा रहा है। फर्जी पेजों और चैनलों के माध्यम से हवन-पूजन के नाम पर धन वसूला जा रहा है। समिति ने पुलिस से ऐसे सभी प्लेटफॉर्मों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई और फर्जी आईडी बंद कराने की मांग की थी।
ये भी पढ़ें- दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026: आज भरेंगे दोनों दलों के प्रत्याशी नामांकन, कांग्रेस का इन मुद्दों पर रहेगा फोकस
क्या कहते हैं मंदिर सचिव
मंदिर के नाम पर इंटरनेट मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर श्रद्धालुओं से हवन-पूजन के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। महिलाओं के जेवर चोरी के मामलों की भी जानकारी पुलिस को दी गई है। इस संबंध में मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भी पुलिस को पत्र भेजा गया है।
प्रियंक श्रीवास्तव, तहसीलदार एवं सचिव, मंदिर प्रबंध समिति
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मंदिर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेषकर चैत्र और शारदीय नवरात्र में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। पिछले एक वर्ष में ऐसी करीब एक दर्जन शिकायतें सामने आई हैं। अधिकांश पीड़ित बाहर के जिलों और राज्यों से आने वाले श्रद्धालु होते हैं, जो शिकायत दर्ज कराने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया में नहीं पड़ते।
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चप्पल चोरी का मामला भी बना था चर्चा का विषय
मार्च माह में मंदिर पहुंचे बड़ागांव के नायब तहसीलदार वरुण चंद्रवंशी की चप्पल चोरी हो गई थी। उन्होंने इस मामले में पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। घटना के बाद लोगों के बीच यह चर्चा रही कि श्रद्धालुओं के कीमती जेवर चोरी होने की घटनाओं पर जितनी गंभीरता नहीं दिखाई गई, उससे अधिक चर्चा एक अधिकारी की चप्पल चोरी पर हुई।
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ऑनलाइन ठग बना रहे आस्था को हथियार
मंदिर के नाम और तस्वीरों का उपयोग कर फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी संचालित की जा रही हैं। इन प्लेटफॉर्मों पर गारंटी से मिर्ची हवन, वशीकरण, सरकारी नौकरी में सफलता और विशेष तांत्रिक अनुष्ठान जैसे दावे कर श्रद्धालुओं से मोटी रकम वसूली जा रही है। जबकि मंदिर प्रबंधन स्पष्ट कर चुका है कि मंदिर परिसर में मिर्ची हवन पूरी तरह प्रतिबंधित है और इस प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं से मंदिर का कोई संबंध नहीं है।
पुलिस को पत्र, कार्रवाई का इंतजार
मंदिर प्रबंध समिति ने जून माह में आगर मालवा पुलिस अधीक्षक और नलखेड़ा थाना प्रभारी को पत्र भेजकर सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी आईडी बंद कराने तथा श्रद्धालुओं से हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने की मांग की थी। हालांकि अब तक किसी बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
समिति ने किया था आगाह
मंदिर प्रबंध समिति ने अपने पत्र में उल्लेख किया था कि सोशल मीडिया पर मां बगलामुखी मंदिर की धार्मिक पहचान का दुरुपयोग कर श्रद्धालुओं को भ्रमित किया जा रहा है। फर्जी पेजों और चैनलों के माध्यम से हवन-पूजन के नाम पर धन वसूला जा रहा है। समिति ने पुलिस से ऐसे सभी प्लेटफॉर्मों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई और फर्जी आईडी बंद कराने की मांग की थी।
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क्या कहते हैं मंदिर सचिव
मंदिर के नाम पर इंटरनेट मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर श्रद्धालुओं से हवन-पूजन के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। महिलाओं के जेवर चोरी के मामलों की भी जानकारी पुलिस को दी गई है। इस संबंध में मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भी पुलिस को पत्र भेजा गया है।
प्रियंक श्रीवास्तव, तहसीलदार एवं सचिव, मंदिर प्रबंध समिति
