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चार जिलों का कृषि रोडमैप जारी: MP में बनेगा क्लीन प्लांट सेंटर, हर ब्लॉक में कस्टम हायरिंग सेंटर की तैयारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sun, 12 Apr 2026 06:55 PM IST
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सार

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर, रायसेन, विदिशा और देवास जिलों के लिए कृषि रोडमैप जारी कर किसानों को आधुनिक खेती की दिशा में बड़ी सौगात दी। उन्होंने क्लीन प्लांट सेंटर, बीज ग्राम और कस्टम हायरिंग सेंटर जैसी योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।

Agriculture roadmap for four districts released: Clean plant center to be built in MP, custom hiring center se
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मध्यप्रदेश में किसानों को आधुनिक और लाभकारी खेती की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर, रायसेन, विदिशा और देवास जिलों का समग्र कृषि रोडमैप जारी किया। आगे मध्यप्रदेश के सभी जिलों के लिए इसी प्रकार की योजना बनाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का निरीक्षण किया और किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीक, विविध फसलें और एकीकृत खेती अपनाना जरूरी है। किसानों को पशुपालन, बागवानी, मधुमक्खी पालन और जैविक खेती को भी अपनाना चाहिए, ताकि कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिल सके।
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चार जिलों के लिए खास योजना
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इन चार जिलों की जलवायु, मिट्टी और संसाधनों को ध्यान में रखकर यह रोडमैप तैयार किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने रोडमैप का उद्देश्य बताते हुए कहा कि पहला  कृषि को अधिक लाभकारी बनाते हुए उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाना। दूसरा पानी का संरक्षण कर जल-कुशल और जलवायु सहिष्णु खेती विकसित करना और तीसरा फसल विविधीकरण, प्रोसेसिंग और बेहतर बाजार जुड़ाव के जरिए खेती को आधुनिक बनाना है।   उन्होंने कहा कि आगे पूरे मध्यप्रदेश के लिए इसी तरह की योजनाएं बनाई जाएंगी और इन्हें जमीन पर लागू किया जाएगा। इस रोडमैप में जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और बाजार से जुड़ाव पर विशेष फोकस किया गया है। मंत्री ने कहा कि गेहूं, धान और सोयाबीन के साथ-साथ टमाटर, प्याज, लहसुन, भिंडी, शिमला मिर्च जैसी सब्जियों और अनार, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो जैसी फसलों की अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में भूजल स्तर गिर रहा है और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है, इसलिए वैज्ञानिक तरीके से खेती करना जरूरी है। 

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वैज्ञानिक खेती के लिए नई पहल
किसानों की सुविधा के लिए “सॉइल मोबाइल ऐप” लॉन्च किया गया है, जिससे किसान अपने खेत की मिट्टी के अनुसार खाद और उर्वरक की सही मात्रा जान सकेंगे। उन्होंने कहा कि सॉइल हेल्थ कार्ड का उपयोग कर खेती करने से लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा। मोबाइल ऐप से खेती करना और आसान हो गया है। किसान अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर खेत में खड़े होकर ही यह जान सकते हैं कि किस फसल के लिए कितनी मात्रा में खाद और उर्वरक डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी के अंधाधुंध खाद का उपयोग नुकसानदायक है। 

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हर ब्लॉक में ‘बीज ग्राम’ की योजना
मंत्री ने घोषणा की कि हर ब्लॉक में कुछ गांवों को ‘बीज ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां उच्च गुणवत्ता वाले बीज तैयार किए जाएंगे, जिससे उत्पादन में लगभग 20% तक वृद्धि संभव है।  विभिन्न फसलों, फल और सब्जियों के साथ-साथ नई संभावनाओं वाली खेती जैसे ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो और ब्लूबेरी को भी रोडमैप में शामिल किया गया है। इन नई फसलों के बारे में किसानों को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी जाएगी और उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसकी कार्ययोजना तैयार कर जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने को कहा है। 

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रोगमुक्त और प्रमाणित पौधे मिलेंगे 
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने की योजना है, जिससे किसानों को रोगमुक्त और प्रमाणित पौधे मिलेंगे। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर मशीन बैंक और हर ब्लॉक में कम से कम 5 कस्टम हायरिंग सेंटर शुरू करने की तैयारी है, ताकि किसान किराए पर मशीनें आसानी से ले सकें।  उन्होंने कहा कि किसानों को फसल का सही दाम दिलाने के लिए कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और प्रोसेसिंग सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत कर बाजार से बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित किया जाएगा।


 
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