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Bhopal: राज्यसभा विवाद पर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, अध्यक्ष बोलीं-महिला नेतृत्व से डर रही है BJP,जलाया पुतला
Thu, 18 Jun 2026 07:38 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 18 Jun 2026 07:38 PM IST
सार
राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में महिला कांग्रेस ने भोपाल में प्रदर्शन कर भाजपा सरकार पर महिला नेतृत्व और विपक्ष की आवाज दबाने के आरोप लगाए। रीना बोरासी ने कहा कि कांग्रेस की महिला उम्मीदवार को चुनावी दौड़ से बाहर करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
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महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के मुद्दे पर महिला कांग्रेस ने गुरुवार को राजधानी भोपाल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा का पुतला दहन किया, कलेक्टर कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की और सरकार पर महिला नेतृत्व को दबाने के आरोप लगाए। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में रोक दिया, जिसके चलते वे कलेक्टर को ज्ञापन नहीं सौंप सकीं। प्रदर्शन के दौरान मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश और देश में महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात तो की जाती है, लेकिन जब विपक्ष किसी महिला नेता को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना चाहता है तो उसके रास्ते में बाधाएं खड़ी कर दी जाती हैं।
महिला नेतृत्व से डर रही है भाजपा
रीना बोरासी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजकर महिलाओं और आम जनता की आवाज को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास किया था, लेकिन उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि नामांकन पत्र में कोई तकनीकी कमी नहीं थी, फिर भी कार्रवाई की गई। बोरासी ने कहा कि देश में कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं के खिलाफ विभिन्न प्रकार के नोटिस और मामले लंबित रहते हैं, लेकिन इससे उनके चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगती। ऐसे में मीनाक्षी नटराजन के मामले में अलग मापदंड अपनाए जाने से कई सवाल खड़े होते हैं।
लोकतंत्र और विपक्ष दोनों निशाने पर
महिला कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ एक उम्मीदवार का मामला मानने से इनकार किया। संगठन का कहना है कि यह विपक्ष की आवाज को कमजोर करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास है। रीना बोरासी ने कहा कि अगर इस तरह की कार्रवाई को सामान्य मान लिया गया तो भविष्य में विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।
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यह भी पढ़ें-फुटपाथ बना पिंजरा, पैदल यात्रियों का रास्ता बंद, सौंदर्याकरण पर उठे सवाल
राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
महिला कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति के नाम तैयार किए गए ज्ञापन में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर आघात बताया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विपक्ष की आवाज को कमजोर करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया गया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
महिला कांग्रेस ने मांग की है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन को प्रभावित करने वाली कथित प्रवृत्तियों पर रोक लगाने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने और महिला नेताओं की राजनीतिक भागीदारी को सुरक्षित व निष्पक्ष बनाने की मांग भी उठाई गई है।
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महिला नेतृत्व से डर रही है भाजपा
रीना बोरासी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजकर महिलाओं और आम जनता की आवाज को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास किया था, लेकिन उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि नामांकन पत्र में कोई तकनीकी कमी नहीं थी, फिर भी कार्रवाई की गई। बोरासी ने कहा कि देश में कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं के खिलाफ विभिन्न प्रकार के नोटिस और मामले लंबित रहते हैं, लेकिन इससे उनके चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगती। ऐसे में मीनाक्षी नटराजन के मामले में अलग मापदंड अपनाए जाने से कई सवाल खड़े होते हैं।
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लोकतंत्र और विपक्ष दोनों निशाने पर
महिला कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ एक उम्मीदवार का मामला मानने से इनकार किया। संगठन का कहना है कि यह विपक्ष की आवाज को कमजोर करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास है। रीना बोरासी ने कहा कि अगर इस तरह की कार्रवाई को सामान्य मान लिया गया तो भविष्य में विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।
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राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
महिला कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति के नाम तैयार किए गए ज्ञापन में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर आघात बताया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विपक्ष की आवाज को कमजोर करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया गया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
महिला कांग्रेस ने मांग की है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन को प्रभावित करने वाली कथित प्रवृत्तियों पर रोक लगाने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने और महिला नेताओं की राजनीतिक भागीदारी को सुरक्षित व निष्पक्ष बनाने की मांग भी उठाई गई है।
