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Bhopal News: 30 हजार स्टाइपेंड की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर, आयुक्त के आश्वासन पर एक दिन टली भूख हड़ताल

Mon, 27 Jul 2026 05:08 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 27 Jul 2026 05:08 PM IST
सार

 एमबीबीएस इंटर्न ने आयुक्त के आश्वासन पर भूख हड़ताल एक दिन के लिए टाल दी है, लेकिन स्टाइपेंड 30 हजार रुपए करने की मांग को लेकर आंदोलन और कार्यबहिष्कार पहले की तरह जारी रहेगा।

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Bhopal News: Intern doctors adamant on demand for ₹30,000 stipend; hunger strike deferred by a day following C
एमबीबीएस इंटर्न की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के एमबीबीएस इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अपने आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। 9 जुलाई से चल रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन और कार्यबहिष्कार के बीच सोमवार से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को फिलहाल एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि जूडा ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और बाकी सभी विरोध कार्यक्रम पहले की तरह जारी रहेंगे।
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आयुक्त के बुलावे पर टली भूख हड़ताल
सोमवार को गांधी मेडिकल कॉलेज में डॉ. कृष्णा और डॉ. संकेत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने वाले थे। इससे पहले चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त एस. धनराजू ने जूडा प्रतिनिधिमंडल से संपर्क कर मंगलवार को बैठक बुलाने और मांगों पर गंभीर चर्चा का आश्वासन दिया। आयुक्त के इस भरोसे के बाद जूडा ने भूख हड़ताल को मंगलवार तक स्थगित करने का निर्णय लिया।
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30 हजार रुपए स्टाइपेंड की मांग पर अड़े इंटर्न
आंदोलनरत इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग है कि वर्तमान 14,337 रुपए मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपए किया जाए। उनका कहना है कि महंगाई और अन्य राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश में दिया जा रहा स्टाइपेंड बेहद कम है, इसलिए इसमें वृद्धि जरूरी है।
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 लिखित आश्वासन के बिना नहीं लौटेंगे काम पर
जूडा ने स्पष्ट किया है कि केवल भूख हड़ताल स्थगित की गई है। आंदोलन, कार्यबहिष्कार और अन्य सभी विरोध कार्यक्रम पहले की तरह जारी रहेंगे। नियमित सेवाएं तभी बहाल की जाएंगी, जब सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सक्षम स्तर से लिखित आश्वासन मिलेगा। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं और उम्मीद है कि मंगलवार को होने वाली बैठक सकारात्मक रहेगी। यदि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।



 
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