फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal: The footpath has been stolen, Sir! A bizarre complaint from Arera Colony; demand raised for an FIR aga

Bhopal: फुटपाथ चोरी हो गया साहब! अरेरा कॉलोनी में अनोखी शिकायत, अतिक्रमणकारी और अधिकारियों पर FIR की मांग

Wed, 12 Aug 2026 04:23 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Wed, 12 Aug 2026 04:23 PM IST
सार

अरेरा कॉलोनी के 10 नंबर मार्केट में सरकारी पैसे से बने फुटपाथ के गायब होने का आरोप लगाते हुए रहवासियों ने हबीबगंज थाने में शिकायत दी है। रहवासियों का आरोप है कि फुटपाथ पर पार्किंग, निजी उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कब्जे कर लिए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने नगर निगम और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

विज्ञापन
Bhopal: The footpath has been stolen, Sir! A bizarre complaint from Arera Colony; demand raised for an FIR aga
शिकायत करने पहुंचे रहवासी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी की अरेरा कॉलोनी के 10 नंबर मार्केट में फुटपाथ पर अतिक्रमण का मामला अब थाने तक पहुंच गया है। रहवासियों ने सवाल उठाया है कि सरकारी पैसे से बनाया गया फुटपाथ आखिर गायब कैसे हो गया? उनका आरोप है कि मुख्य बाजार और आसपास की सड़कों के फुटपाथ पर धीरे-धीरे कब्जे होते गए, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने रहे। अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी और लवनीश भाटी ने हबीबगंज थाने में शिकायत देकर फुटपाथ पर हुए कथित कब्जों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन


फुटपाथ खुद नहीं भागा, किसी ने भगाया है
रहवासियों ने अपनी शिकायत में कहा है कि फुटपाथ धीरे-धीरे पार्किंग, निजी उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों की चपेट में आ गया। इससे पैदल चलने वालों के लिए जगह कम होती गई और उन्हें सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। विवेक त्रिपाठी ने सवाल उठाया कि यदि किसी भूमाफिया, भवन मालिक या व्यावसायिक प्रतिष्ठान ने सरकारी फुटपाथ पर कब्जा किया है तो यह संभव कैसे हुआ? उनका कहना है कि सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने वालों के साथ उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, जिनके जिम्मे सड़क और फुटपाथ की सुरक्षा थी।
विज्ञापन


अतिक्रमणकारी ही नहीं, जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग
शिकायत में केवल कथित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं की गई है। रहवासियों ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की आपराधिक जांच कराने और दोष पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि सरकारी जमीन पर लंबे समय तक कब्जा तभी संभव है, जब संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था विफल हो या किसी स्तर पर लापरवाही अथवा संरक्षण मिला हो। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुराने नक्शे और मौजूदा स्थिति की जांच की मांग
रहवासियों ने मांग की है कि अरेरा कॉलोनी और 10 नंबर मार्केट के पुराने नक्शे और सरकारी रिकॉर्ड निकाले जाएं। इसके बाद रिकॉर्ड में दर्ज फुटपाथ और मौके की वर्तमान स्थिति का मिलान कराया जाए। यदि सरकारी रिकॉर्ड में फुटपाथ दर्ज है और मौके पर उसकी जगह कब्जा पाया जाता है तो कब्जा करने वालों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी तय करने की मांग की गई है।


यह भी पढ़ें-भारी बारिश में स्कूलों के ई-अटेंडेंस से राहत, शिक्षकों को नदी-नाले पार कर स्कूल पहुंचने की जरूरत नहीं


अब जनता सड़क पर कहां चले?
रहवासियों का कहना है कि फुटपाथ आम लोगों के पैदल चलने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन अतिक्रमण के कारण उनका उद्देश्य ही खत्म हो गया है। उनका सवाल है कि जब फुटपाथ ही नहीं बचेंगे तो पैदल चलने वाले लोग सड़क पर ही चलेंगे और इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ेगा। विवेक त्रिपाठी और लवनीश भाटी ने कहा कि यह सिर्फ फुटपाथ का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी संपत्ति को निजी कब्जे से बचाने का सवाल है। उन्होंने फुटपाथ से अतिक्रमण तत्काल हटाने, उसे मूल स्वरूप में बहाल करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने मामले में प्रशासन से फुटपाथ के रिकॉर्ड की जांच कर मौके की स्थिति से मिलान कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed