फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Digvijaya targets CEC over Ram Mandir donation theft case: Asks how he became associated with the trust while

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दिग्विजय के निशाने पर CEC: पूछा- चुनाव आयुक्त रहते ट्रस्ट से कैसे जुड़े?

Thu, 18 Jun 2026 04:33 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 18 Jun 2026 04:33 PM IST
सार

भोपाल में आयोजित लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की राम मंदिर ट्रस्ट से कथित संबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए ऐसी भूमिका पर स्पष्टता जरूरी है। 

विज्ञापन
Digvijaya targets CEC over Ram Mandir donation theft case: Asks how he became associated with the trust while
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और मंदिर निर्माण से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। भोपाल में चल रहे कांग्रेस के लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह के दौरान उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि देशभर के लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद या वित्तीय अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार राम मंदिर ट्रस्ट से भी जुड़े हुए हैं। यदि ऐसा है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि संवैधानिक पद पर रहते हुए किसी ट्रस्ट की सदस्यता कैसे संभव है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि राम मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े मामलों में जवाबदेही किसकी है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए
विज्ञापन



लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह आयोजित
गुरुवार को राजधानी भोपाल में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के आह्वान पर लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह आयोजित कर कांग्रेस ने इस मुद्दे को राज्यसभा की एक सीट से आगे लोकतंत्र और संविधान की लड़ाई बताया। सत्याग्रह में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पवार समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। रोशनपुरा चौराहे स्थित जवाहर भवन के सामने आयोजित धरने में कांग्रेस नेताओं ने नामांकन निरस्त किए जाने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मीनाक्षी नटराजन बोलीं- अब लड़ाई सिर्फ सीट की नहीं
सत्याग्रह को संबोधित करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह मामला केवल राज्यसभा की एक सीट तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को वन नेशन, वन पार्टी की दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है और विपक्षी दलों को कमजोर करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले यह लड़ाई सीट और वोट तक सीमित थी, लेकिन अब लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है। मीनाक्षी ने कहा कि कांग्रेस इस चुनौती का मजबूती से मुकाबला करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस के अंदर गुटबाजी और एनएसयूआई नेताओं को नोटिस जारी किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा द्वारा रचा गया राजनीतिक जाल है, जिसमें कांग्रेस फंसने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि मूल मुद्दा लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा का है।

यह भी पढ़ें-MP में प्री-मानसून का असर जारी, 28 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, जून में 35% कम वर्षा


दिग्विजय सिंह बोले- लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने की घटना को लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी की गई है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के माध्यम से यह संदेश प्रदेश के गांव-गांव और आम जनता तक पहुंचाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ किस तरह खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

यह भी पढ़ें-फुटपाथ बना पिंजरा, पैदल यात्रियों का रास्ता बंद, सौंद

रिटर्निंग अधिकारी के फैसले पर उठाए सवाल
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नामांकन निरस्त करने वाले रिटर्निंग अधिकारी के फैसले पर सवाल उठाए। नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और न्याय सर्वोपरि होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठेंगे तो जनता का भरोसा कमजोर होगा, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed