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MP कांग्रेस में घर की जंग सड़क पर: विधायक बोले-हाईकमान ही नहीं बनने देना चाहता सरकार, पार्टी छोड़ने की चेतावनी
Fri, 17 Jul 2026 04:29 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 17 Jul 2026 04:29 PM IST
सार
मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। सुसनेर से कांग्रेस विधायक भेरूसिंह परिहार ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भोपाल में बैठे नेता ही कांग्रेस की सरकार नहीं बनने देना चाहते। उन्होंने संगठन की बैठकों से खुद को दूर रखने, गद्दारों को महत्व देने और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
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सुसनेर विधानसभा से कांग्रेस विधायक भेरूसिंह परिहार (बापू)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा से कांग्रेस विधायक भेरूसिंह परिहार (बापू) ने अपनी ही पार्टी के संगठन और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता ही प्रदेश में पार्टी की सरकार नहीं बनने देना चाहते। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि यही हाल रहा तो वे कार्यकर्ताओं के साथ आगे की रणनीति तय करेंगे और जरूरत पड़ी तो पार्टी छोड़ने पर भी विचार करेंगे।मामला नलखेड़ा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह द्वारा ली गई संगठनात्मक बैठक से जुड़ा है। विधायक का आरोप है कि उनकी ही विधानसभा में ब्लॉक और नगर कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई, लेकिन उन्हें इसकी कोई सूचना तक नहीं दी गई। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के पोस्टरों से भी उनका नाम और तस्वीर गायब रखी गई।
मुझसे कहा गया- विधायक से बात नहीं करना
भेरूसिंह परिहार ने दावा किया कि उन्होंने कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ नेता से फोन पर भोजन और स्वागत की व्यवस्था की बात की, लेकिन जवाब मिला कि विधायक से बात नहीं करना है। विधायक ने इसे जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए कहा कि यदि संगठन इस तरह चुने हुए विधायक को ही दरकिनार करेगा तो पार्टी कैसे मजबूत होगी।
गद्दारों को साथ, विधायक को बाहर
विधायक ने आरोप लगाया कि 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ काम करने वाले लोगों को बैठकों में बुलाया जा रहा है, जबकि पार्टी के निर्वाचित विधायक को ही अलग रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
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जीतू पटवारी को भी दी नसीहत
भेरूसिंह परिहार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का नाम लेते हुए कहा कि केवल प्रदेशभर में दौरे करने से सरकार नहीं बनेगी। पहले पार्टी के भीतर की कलह खत्म करनी होगी। उनका कहना था कि अगर संगठन नहीं संभला तो 2028 में भी कांग्रेस सत्ता से दूर रहेगी।
भोपाल के नेता ही सरकार नहीं बनने देना चाहते
विधायक ने सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जनता भाजपा से परेशान होकर कांग्रेस की ओर देख रही है, लेकिन भोपाल में बैठे कांग्रेस के नेता ही पार्टी की सरकार नहीं बनने देना चाहते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कुछ नेता भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
पार्टी छोड़ने का भी संकेत
अपने संबोधन के अंत में भेरूसिंह परिहार ने कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा है, वह सच कहा है। यदि पार्टी कार्रवाई करती है तो उसका सामना करेंगे, लेकिन अगर हालात नहीं बदले तो वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर आगे का फैसला करेंगे और पार्टी छोड़ने तक पर विचार करेंगे।
यह भी पढ़ें-भोपाल में हिन्दू संगठन ने संदिग्ध मांस से भरा ऑटो पकड़ा, गौमांस होने का आरोप, जांच रिपोर्ट का इंतजार
क्या है राजनीतिक मायने
2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस के लिए यह बयान बड़ा झटका माना जा रहा है। एक मौजूदा विधायक का सार्वजनिक मंच से संगठन और नेतृत्व पर सवाल उठाना पार्टी की अंदरूनी खींचतान को फिर उजागर कर रहा है।
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मुझसे कहा गया- विधायक से बात नहीं करना
भेरूसिंह परिहार ने दावा किया कि उन्होंने कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ नेता से फोन पर भोजन और स्वागत की व्यवस्था की बात की, लेकिन जवाब मिला कि विधायक से बात नहीं करना है। विधायक ने इसे जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए कहा कि यदि संगठन इस तरह चुने हुए विधायक को ही दरकिनार करेगा तो पार्टी कैसे मजबूत होगी।
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गद्दारों को साथ, विधायक को बाहर
विधायक ने आरोप लगाया कि 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ काम करने वाले लोगों को बैठकों में बुलाया जा रहा है, जबकि पार्टी के निर्वाचित विधायक को ही अलग रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
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जीतू पटवारी को भी दी नसीहत
भेरूसिंह परिहार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का नाम लेते हुए कहा कि केवल प्रदेशभर में दौरे करने से सरकार नहीं बनेगी। पहले पार्टी के भीतर की कलह खत्म करनी होगी। उनका कहना था कि अगर संगठन नहीं संभला तो 2028 में भी कांग्रेस सत्ता से दूर रहेगी।
भोपाल के नेता ही सरकार नहीं बनने देना चाहते
विधायक ने सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जनता भाजपा से परेशान होकर कांग्रेस की ओर देख रही है, लेकिन भोपाल में बैठे कांग्रेस के नेता ही पार्टी की सरकार नहीं बनने देना चाहते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कुछ नेता भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
पार्टी छोड़ने का भी संकेत
अपने संबोधन के अंत में भेरूसिंह परिहार ने कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा है, वह सच कहा है। यदि पार्टी कार्रवाई करती है तो उसका सामना करेंगे, लेकिन अगर हालात नहीं बदले तो वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर आगे का फैसला करेंगे और पार्टी छोड़ने तक पर विचार करेंगे।
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क्या है राजनीतिक मायने
2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस के लिए यह बयान बड़ा झटका माना जा रहा है। एक मौजूदा विधायक का सार्वजनिक मंच से संगठन और नेतृत्व पर सवाल उठाना पार्टी की अंदरूनी खींचतान को फिर उजागर कर रहा है।
