{"_id":"6a33e41241be2351f50351aa","slug":"mp-news-centre-focuses-on-water-transport-safety-following-bargi-accident-directs-states-to-strictly-enforce-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: बरगी हादसे के बाद जल परिवहन सुरक्षा पर केंद्र की नजर, राज्यों को नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: बरगी हादसे के बाद जल परिवहन सुरक्षा पर केंद्र की नजर, राज्यों को नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 18 Jun 2026 05:57 PM IST
सार
बरगी डैम क्रूज हादसे और अन्य नाव दुर्घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने जल परिवहन सुरक्षा को लेकर राज्यों को अलर्ट किया है। आईडब्ल्यूएआई ने मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों से नावों और क्रूज सेवाओं में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
विज्ञापन
बरगी डैम हादसा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे और देश के अन्य हिस्सों में हाल के दिनों में सामने आई नाव दुर्घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने अंतर्देशीय जल परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्यों को सतर्क किया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने राज्यों को सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष सुनील पालीवाल ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र भेजकर अंतर्देशीय पोत अधिनियम-2021 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया है। पत्र में हाल ही में उत्तर प्रदेश के वृंदावन और मध्यप्रदेश के बरगी डैम में हुई नाव दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि ऐसी घटनाएं जल परिवहन सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता दर्शाती हैं।
ये भी पढ़ें- MP News: मध्यप्रदेश पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती फिर शुरू, हर साल 60 पदों पर होगी नियुक्ति
नावों की फिटनेस से लेकर लाइफ जैकेट तक पर फोकस
प्राधिकरण ने अपने पत्र में कहा है कि सभी नावों और क्रूज सेवाओं के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। इसमें पोतों का पंजीयन, समय-समय पर तकनीकी परीक्षण, फिटनेस प्रमाणन, बीमा, सुरक्षित संचालन, संचार व्यवस्था, पर्याप्त लाइफ जैकेट, अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित चालक दल की उपलब्धता जैसे प्रावधान शामिल हैं। आईडब्ल्यूएआई ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का निर्माण केंद्र स्तर पर किया जाता है, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित कराने और निगरानी की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। प्राधिकरण ने उन राज्यों को भी आवश्यक अधिसूचनाएं जारी करने की सलाह दी है, जहां अभी तक नियमों के पूर्ण क्रियान्वयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति पर भी जोर दिया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: तबादलों की अंतिम मोहलत में एक दिन में हुए करीब 2500 से अधिक स्थानांतरण, 17 हजार से ज्यादा आदेश जारी
मध्यप्रदेश के जल पर्यटन स्थलों पर हो सकती है समीक्षा
केंद्र के पत्र के बाद मध्यप्रदेश में बरगी डैम, तवा जलाशय, गांधी सागर, बाणसागर सहित अन्य जल पर्यटन केंद्रों पर संचालित नावों और क्रूज सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की संभावना बढ़ गई है। संबंधित विभाग पंजीयन, फिटनेस, बीमा, सुरक्षा उपकरणों और चालक दल की पात्रता की जांच कर सकते हैं। आईडब्ल्यूएआई ने मुख्य सचिव से विभिन्न विभागों और संबंधित एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया है। प्राधिकरण का मानना है कि सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन ही जल परिवहन सेवाओं को सुरक्षित बनाने और यात्रियों का विश्वास कायम रखने का सबसे बेहतर तरीका है।
ये भी पढ़ें- भोपाल से बिहार तक फैला आतंकी नेटवर्क: ATS की बड़ी कार्रवाई में अब तक छह गिरफ्तारी; पाकिस्तानी कनेक्शन भी उजागर
बरगी हादसे के बाद बढ़ी चिंता
उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल 2026 को जबलपुर के बरगी डैम क्षेत्र में एक पर्यटक क्रूज खराब मौसम और तेज लहरों की चपेट में आने के बाद पलट गई थी। हादसे के समय नाव में लगभग 35 से 40 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद जल पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: मध्यप्रदेश पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती फिर शुरू, हर साल 60 पदों पर होगी नियुक्ति
विज्ञापन
नावों की फिटनेस से लेकर लाइफ जैकेट तक पर फोकस
प्राधिकरण ने अपने पत्र में कहा है कि सभी नावों और क्रूज सेवाओं के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। इसमें पोतों का पंजीयन, समय-समय पर तकनीकी परीक्षण, फिटनेस प्रमाणन, बीमा, सुरक्षित संचालन, संचार व्यवस्था, पर्याप्त लाइफ जैकेट, अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित चालक दल की उपलब्धता जैसे प्रावधान शामिल हैं। आईडब्ल्यूएआई ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का निर्माण केंद्र स्तर पर किया जाता है, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित कराने और निगरानी की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। प्राधिकरण ने उन राज्यों को भी आवश्यक अधिसूचनाएं जारी करने की सलाह दी है, जहां अभी तक नियमों के पूर्ण क्रियान्वयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति पर भी जोर दिया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: तबादलों की अंतिम मोहलत में एक दिन में हुए करीब 2500 से अधिक स्थानांतरण, 17 हजार से ज्यादा आदेश जारी
मध्यप्रदेश के जल पर्यटन स्थलों पर हो सकती है समीक्षा
केंद्र के पत्र के बाद मध्यप्रदेश में बरगी डैम, तवा जलाशय, गांधी सागर, बाणसागर सहित अन्य जल पर्यटन केंद्रों पर संचालित नावों और क्रूज सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की संभावना बढ़ गई है। संबंधित विभाग पंजीयन, फिटनेस, बीमा, सुरक्षा उपकरणों और चालक दल की पात्रता की जांच कर सकते हैं। आईडब्ल्यूएआई ने मुख्य सचिव से विभिन्न विभागों और संबंधित एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया है। प्राधिकरण का मानना है कि सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन ही जल परिवहन सेवाओं को सुरक्षित बनाने और यात्रियों का विश्वास कायम रखने का सबसे बेहतर तरीका है।
ये भी पढ़ें- भोपाल से बिहार तक फैला आतंकी नेटवर्क: ATS की बड़ी कार्रवाई में अब तक छह गिरफ्तारी; पाकिस्तानी कनेक्शन भी उजागर
बरगी हादसे के बाद बढ़ी चिंता
उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल 2026 को जबलपुर के बरगी डैम क्षेत्र में एक पर्यटक क्रूज खराब मौसम और तेज लहरों की चपेट में आने के बाद पलट गई थी। हादसे के समय नाव में लगभग 35 से 40 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद जल पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
