{"_id":"6a43ae8c36ddba0f0b07c651","slug":"mp-news-dhirendra-shastri-speaks-on-the-ram-mandir-offering-controversy-responsibility-for-service-should-be-2026-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री बोले-सेवा की जिम्मेदारी संत परंपरा से जुड़े लोगों को मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री बोले-सेवा की जिम्मेदारी संत परंपरा से जुड़े लोगों को मिले
Tue, 30 Jun 2026 05:24 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 30 Jun 2026 05:24 PM IST
सार
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी के मामले पर नाराजगी जताते हुए इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने धार्मिक स्थलों की व्यवस्था संत परंपरा से जुड़े लोगों को सौंपने की बात कही और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए इंडोनेशिया का उदाहरण दिया।
विज्ञापन
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताया। इस तरह की घटनाएं करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को आहत करती हैं और दोषियों को अपने कर्मों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा। भोपाल में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और सेवा कार्य ऐसे लोगों के हाथों में होना चाहिए, जो संत परंपरा और सनातन मूल्यों से जुड़े हों। उनका मानना है कि इससे धार्मिक संस्थानों की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहेगा।
ये भी पढ़ें- MP Monsoon Session 2026: मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता समेत 11 विधेयक ला सकती है मोहन सरकार
इंडोनेशिया का दिया उदाहरण
अपने संबोधन के दौरान पं. शास्त्री ने भारत में सांप्रदायिक सौहार्द की चर्चा करते हुए इंडोनेशिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां अलग-अलग धर्मों के लोग एक-दूसरे की परंपराओं और आस्थाओं का सम्मान करते हैं। उनके अनुसार, भारत के मुसलमानों को भी इंडोनेशिया के मुसलमानों से आपसी सद्भाव और सहअस्तित्व की भावना सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में लोग नियमित रूप से नमाज अदा करते हैं, लेकिन साथ ही अन्य धर्मों की परंपराओं का भी सम्मान करते हैं। उन्होंने बाली का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हिंदू समुदाय अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करता है और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सहयोग और सम्मान का वातावरण देखने को मिलता है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ी, अब बालकों को 1720 और बालिकाओं को 1770 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP Monsoon Session 2026: मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता समेत 11 विधेयक ला सकती है मोहन सरकार
विज्ञापन
इंडोनेशिया का दिया उदाहरण
अपने संबोधन के दौरान पं. शास्त्री ने भारत में सांप्रदायिक सौहार्द की चर्चा करते हुए इंडोनेशिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां अलग-अलग धर्मों के लोग एक-दूसरे की परंपराओं और आस्थाओं का सम्मान करते हैं। उनके अनुसार, भारत के मुसलमानों को भी इंडोनेशिया के मुसलमानों से आपसी सद्भाव और सहअस्तित्व की भावना सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में लोग नियमित रूप से नमाज अदा करते हैं, लेकिन साथ ही अन्य धर्मों की परंपराओं का भी सम्मान करते हैं। उन्होंने बाली का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हिंदू समुदाय अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करता है और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सहयोग और सम्मान का वातावरण देखने को मिलता है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ी, अब बालकों को 1720 और बालिकाओं को 1770 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे
