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MP News: भोपाल में फिर होगी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जनवरी 2027 के आयोजन की तैयारी शुरू
Wed, 17 Jun 2026 08:29 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 17 Jun 2026 08:29 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में अगले वर्ष जनवरी में दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछली समिट में मिले रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों के बाद इस बार सरकार और अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश सरकार राजधानी भोपाल में दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित करने की तैयारी में जुट गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम जनवरी 2027 में आयोजित किया जा सकता है। उद्योग विभाग और मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने इसकी प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछली समिट में प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जबकि इस बार निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा और अधिक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि पहली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित हुई थी, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। दो दिवसीय आयोजन में देश-विदेश के कई बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया था और मध्यप्रदेश को निवेश के लिए बेहतर गंतव्य बताया था।
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जानकारी के अनुसार आगामी समिट के लिए विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें लाल परेड ग्राउंड, नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर शामिल हैं। आयोजन स्थल का अंतिम चयन संभावित प्रतिभागियों और निवेशकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। सरकार इस बार आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है। पिछली समिट के दौरान सामने आई तकनीकी और व्यवस्थागत चुनौतियों को दूर करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में ध्वनि व्यवस्था, तकनीकी समन्वय और आयोजन प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए एमपीआईडीसी कोलार रोड स्थित सतगढ़ी क्षेत्र में करीब 172 एकड़ में नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट उद्योगों को प्रोत्साहन देने की योजना है। पिछली समिट में अडाणी समूह ने 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का सबसे बड़ा प्रस्ताव दिया था। उद्योग विभाग को उम्मीद है कि आगामी GIS में प्रदेश को और अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त होंगे, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
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जानकारी के अनुसार आगामी समिट के लिए विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें लाल परेड ग्राउंड, नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर शामिल हैं। आयोजन स्थल का अंतिम चयन संभावित प्रतिभागियों और निवेशकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। सरकार इस बार आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है। पिछली समिट के दौरान सामने आई तकनीकी और व्यवस्थागत चुनौतियों को दूर करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में ध्वनि व्यवस्था, तकनीकी समन्वय और आयोजन प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए एमपीआईडीसी कोलार रोड स्थित सतगढ़ी क्षेत्र में करीब 172 एकड़ में नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट उद्योगों को प्रोत्साहन देने की योजना है। पिछली समिट में अडाणी समूह ने 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का सबसे बड़ा प्रस्ताव दिया था। उद्योग विभाग को उम्मीद है कि आगामी GIS में प्रदेश को और अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त होंगे, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
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