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MP News: मध्यप्रदेश में मेडिकल पढ़ाई होगी सस्ती, नीट मेरिट छात्रों की फीस एक-तिहाई घटेगी
Fri, 24 Jul 2026 09:38 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:38 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में नीट मेरिट में आने वाले छात्रों के लिए मेडिकल पढ़ाई सस्ती होने जा रही है। फीस में करीब एक-तिहाई तक कमी और सीटों में बढ़ोतरी से अधिक छात्रों को फायदा मिलेगा।
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सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे नीट के मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। राज्य सरकार मेडिकल शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नीट मेरिट में चयनित विद्यार्थियों की मेडिकल कॉलेजों की फीस करीब एक-तिहाई तक कम हो सकती है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ने से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर मिलेगा। मैनेजमेंट कोटे में भी अब प्रवेश केवल नीट मेरिट के आधार पर राज्य सरकार की काउंसलिंग प्रक्रिया से होगा।
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तीन साल में मेडिकल सीटों में बड़ा इजाफा
वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल 4,675 सीटें थीं। इनमें 2,275 सरकारी और 2,400 निजी कॉलेजों की सीटें शामिल थीं। उस समय मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4,315 सीटें निर्धारित थीं, जिनमें 2,215 सरकारी और 2,040 निजी कॉलेजों की सीटें थीं। वर्ष 2026 में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 6,020 हो गई है। इनमें 3,020 सीटें सरकारी और 3,000 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में हैं। नई व्यवस्था के तहत मेरिट के विद्यार्थियों के लिए 4,520 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें सभी 3,020 सरकारी सीटें और निजी मेडिकल कॉलेजों की 1,500 सीटें शामिल हैं।
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मेधावी छात्रों को मिलेगा दोहरा लाभ
सीटों में बढ़ोतरी और फीस में प्रस्तावित कमी से नीट मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को दोहरा फायदा मिलेगा। एक ओर उन्हें मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर पढ़ाई का आर्थिक बोझ भी कम होगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो सकेगी। नई व्यवस्था के तहत निजी मेडिकल कॉलेजों के मैनेजमेंट कोटे में भी प्रवेश सीधे नहीं होगा। इस कोटे की सीटों पर भी राज्य सरकार की काउंसलिंग के माध्यम से नीट मेरिट के आधार पर ही दाखिला दिया जाएगा। इससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और योग्य विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
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तीन साल में मेडिकल सीटों में बड़ा इजाफा
वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल 4,675 सीटें थीं। इनमें 2,275 सरकारी और 2,400 निजी कॉलेजों की सीटें शामिल थीं। उस समय मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4,315 सीटें निर्धारित थीं, जिनमें 2,215 सरकारी और 2,040 निजी कॉलेजों की सीटें थीं। वर्ष 2026 में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 6,020 हो गई है। इनमें 3,020 सीटें सरकारी और 3,000 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में हैं। नई व्यवस्था के तहत मेरिट के विद्यार्थियों के लिए 4,520 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें सभी 3,020 सरकारी सीटें और निजी मेडिकल कॉलेजों की 1,500 सीटें शामिल हैं।
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मेधावी छात्रों को मिलेगा दोहरा लाभ
सीटों में बढ़ोतरी और फीस में प्रस्तावित कमी से नीट मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को दोहरा फायदा मिलेगा। एक ओर उन्हें मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर पढ़ाई का आर्थिक बोझ भी कम होगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो सकेगी। नई व्यवस्था के तहत निजी मेडिकल कॉलेजों के मैनेजमेंट कोटे में भी प्रवेश सीधे नहीं होगा। इस कोटे की सीटों पर भी राज्य सरकार की काउंसलिंग के माध्यम से नीट मेरिट के आधार पर ही दाखिला दिया जाएगा। इससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और योग्य विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
