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कड़े पहरे के बीच संपन्न हुई री-नीट परीक्षा: छात्रों ने कहा- पिछले बार से कठिन था पेपर, फिजिक्स ने बढ़ाई टेंशन

Sun, 21 Jun 2026 06:53 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 21 Jun 2026 06:53 PM IST
सार

 पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित री-नीट परीक्षा रविवार को भोपाल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। भोपाल के 32 परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा देकर निकले अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स और केमिस्ट्री को कठिन बताया, जबकि बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान रही।

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Re-NEET exam concludes amidst tight security: Students say the paper was tougher than the last one; Physics ca
परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पेपर लीक के बाद दोबारा आयोजित की गई री-नीट परीक्षा रविवार को राजधानी भोपाल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। शहर में बनाए गए 32 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ी निगरानी के बीच परीक्षा कराई गई। मध्यप्रदेश में 283 परीक्षा केंद्र बनाए गाए थे। भोपाल में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा खत्म होने के बाद बाहर निकले विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र को पिछले एग्जाम की तुलना में अधिक कठिन बताया। अधिकांश छात्रों का कहना था कि फिजिक्स और केमिस्ट्री ने सबसे ज्यादा चुनौती दी।
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फिजिक्स ने बढ़ाई परेशानी, बायोलॉजी रही आसान
भोपाल के छात्र इब्राहिम अली ने बताया कि इस बार का नीट पेपर पिछली परीक्षा की तुलना में थोड़ा कठिन था। उनके मुताबिक फिजिक्स सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रही, जबकि केमिस्ट्री का स्तर भी अपेक्षाकृत कठिन था। वहीं बायोलॉजी का पेपर आसान रहा और अधिकांश सवाल पाठ्यक्रम आधारित थे। छात्रा सलोनी श्रीवास्तव ने कहा कि इस बार का पेपर पिछले प्रयास से काफी कठिन था। उनके अनुसार फिजिक्स के सवालों ने सबसे ज्यादा समय लिया और कई प्रश्न उलझाने वाले थे। सलोनी ने कहा कि पिछली परीक्षा में उनके ज्यादा अंक आने की संभावना थी, लेकिन इस बार अंक कम रहने की आशंका है। हालांकि उनका मानना है कि प्रश्नपत्र कठिन होने के कारण कटऑफ भी नीचे जा सकती है।
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परीक्षा रद्द होने से टूटा था आत्मविश्वास
कई विद्यार्थियों ने माना कि तीन मई को परीक्षा देने के बाद उसके निरस्त होने से उनका मनोबल प्रभावित हुआ था। दोबारा उसी स्तर की तैयारी करना आसान नहीं था। छात्रों ने कहा कि दोबारा परीक्षा की तैयारी के दौरान मानसिक दबाव और अनिश्चितता बनी रही। सलोनी ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सख्त दिखाई दी। अभ्यर्थियों की कई चरणों में जांच की गई और नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया।
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संतुलित था प्रश्नपत्र, आसान नहीं: अभिषेक
रायसेन के अभिषेक साहू ने परीक्षा को लेकर अलग राय रखी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष का पेपर काफी आसान था, जबकि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर प्रतियोगी परीक्षा के अनुरूप था। उनके मुताबिक फिजिक्स और केमिस्ट्री का स्तर अच्छा रहा, जबकि बायोलॉजी अपेक्षाकृत सरल थी। अभिषेक ने कहा कि बहुत आसान पेपर होने पर कटऑफ असामान्य रूप से बढ़ जाती है। इस बार प्रश्नपत्र संतुलित रहा है, इसलिए वास्तविक प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं और उन्हें 500 से अधिक अंक मिलने की उम्मीद है।

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कुछ सेकंड की देरी ने छीना मौका
भोपाल के कई परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय दोपहर 1:30 बजे गेट बंद कर दिए गए। कुछ अभ्यर्थी 30 से 40 सेकंड की देरी से पहुंचे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका। कई छात्र और उनके परिजन अधिकारियों से अनुरोध करते रहे, मगर नियमों के कारण एंट्री नहीं दी गई। कुछ अभ्यर्थी गलत परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए, जिसके चलते समय पर सही केंद्र नहीं पहुंच सके और परीक्षा से वंचित रह गए।

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नथ, कलावा और आभूषण उतरवाए गए
री-नीट परीक्षा को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेज जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। कई छात्राओं को नथ, टॉप्स और अन्य आभूषण उतारने पड़े, जबकि छात्रों के कलावे और धातु वाली वस्तुएं भी बाहर रखवाई गईं। छात्रों का कहना है कि पेपर भले ही कठिन रहा हो, लेकिन यदि मूल्यांकन निष्पक्ष रहा तो परिणाम संतुलित रहने की संभावना है।
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